जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।

जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान राजीव शुक्ला ने कहा कि मोनेटाइजेशन के नाम पर देश की संपत्ति कुछ लोगों को देने की साजिश की जा रही है।अगर इन्हें नहीं रोका गया तो ये हवामहल, आमेर का किला और चित्तौड़ का किला भी बेच डालेंगे।

दरअसल कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य राजीव शुक्ला शुक्रवार को केंद्र सरकार के मोनेटाइजेशन नीति के विरोध में अपनी बात रखने जयपुर पहुंचे। उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार कह रही है वह देश की संपत्तियों को बेचकर 6 लाख करोड़ कमाएगी, जबकि इनको अधिकार ही नहीं कि वो इस तरह देश की धरोहर को बेच सकें। राजीव शुक्ला ने कहा कि मोनेटाइजेशन के लिए केंद्र सरकार ने लीज पर देने के नाम पर बीच गली निकाली जबकि सबको पता है कि लीज की अवधि 30 साल से लेकर 100 साल तक की होती है, ऐसे में जनता के पास क्या बचेगा। राजीव शुक्ला ने कहा कि अगर केंद्र की भाजपा सरकार को नहीं रोका गया तो ये तो हवामहल, आमेर और चित्तौड़गढ़ का किला भी बेच देंगे। शुक्ला ने कहा कि लाल किला बेचने की प्लानिग तो केंद्र सरकार ने पहले ही कर ली थी। हांलाकि विरोध के चलते हुए अपना कदम वापस लेना पड़ा।राजीव शुक्ला ने कहा कि सरकार कोई भी हो लेकिन राष्ट्र की संपत्ति और धरोहर को बेचने का काम नहीं कर सकती। शुक्ला ने सवाल किया कि क्या देश की जनता ने भाजपा को वोट देश की धरोहरों को बेचने के लिए दिया था।शुक्ला ने कहा कि अगर केंद्र की सरकार रेल रनिंग बेच रही है, उसे चला नहीं सकती। सरकारी कंपनियों को बेच रही है उसे भी चला नहीं सकती तो फिर ये सरकार क्यों चला रहे हैं इसे भी छोड़ देना चाहिए।