सवाई माधोपुर से हेमेंद्र शर्मा की रिपोर्ट।
सवाई माधोपुर जिले में पंचायत राज आम चुनावों के चुनाव परिणाम घोषित होने के साथ ही काँग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों के नेता जिला प्रमुख और जिले की सात पंचायत समितियों में अपनी अपनी पार्टी का प्रधान बनाने को लेकर जोड़ तोड़ की राजनीति में व्यस्त हो गए है।दोनों ही पार्टियों के नेता निर्दलीयों के साथ ही एक दूसरी पार्टी के प्रत्याशियों में सेंधमारी की जुगत लगा रहे है।सवाई माधोपुर जिला परिषद 25 सीटों में से 16 सीटों पर काँग्रेस ने जीत दर्ज कर बहुमत हांसिल कर लिया।
वही भाजपा 8 सीटों पर सिमटकर रह गई। एक सीट पर निर्दलीय ने जीत दर्ज की है।जिला परिषद में जिला प्रमुख के लिए कांग्रेस से तकरीबन चार नाम चर्चाओं में है।बाबूलाल ,सुदामा देवी,प्रेमदेवी और कैलाशी ,इनमें बाबूलाल को प्रबल दावेदार माना जा रहा है।वही भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमप्रकाश शर्मा का नामांकन दाखिल करवा सकती है।
हालांकि बहुमत कांग्रेस के पास है ऐसे में सवाई माधोपुर जिला परिषद में काँग्रेस का जिला प्रमुख बैठना तय है। जिले की 7 पंचायत समितियों में प्रधान की बात की जाए तो सवाई माधोपुर,खंडार,चौथ का बरवाड़ा व मलारना डुंगर पंचायत समिति में काँग्रेस का बोर्ड बनना तय माना जा रहा है यहाँ काँग्रेस के प्रधान बनना तय है।लेकिन ये जितना आसान दिख रहा है उतना आसान है नही।
क्योकी भाजपा यहां सेंधमारी करने की फिराक में है। सवाई माधोपुर पंचायत समिति में प्रधान पद के लिये फिलहाल काँग्रेस से निरमा मीना का नाम चर्चाओं में है वही भाजपा से डॉक्टर किरोडी लाल मीणा के नजदीकी माने जाने वाले दीपक मीना की पत्नी माया मीना का नाम सुर्खियों में बना हुआ है।मलारना डुंगर पंचायत समिति में प्रधान पद के लिए काँग्रेस से देवपाल मीना और भाजपा से विशाखा मीना का नाम चर्चाओं में है।मलारना डुंगर की 17 सीटों में से 8 पर काँग्रेस और 6 सीटों पर भाजपा का कब्जा है।वही 3 सीटों पर निर्दलीय है।सवाई माधोपुर और मलारना डुंगर पंचायत समितियों में काँग्रेस का प्रधान बनना तय माना जा रहा है लेकिन भाजपा की सेंधमारी गणित बिगाड़ सकती है।इन दोनों पंचायत समितियों में सवाई माधोपुर विधायक दानिश अबरार की शाख दाव पर लगी है।वही बौंली और बामनवास पंचायत समितियों में भाजपा का पलड़ा भारी है।बौंली पंचायत समिति की 21 सीटों में से 11 सीटों पर भाजपा का कब्जा है।वही 9 सीटों पर काँग्रेस काबिज़ है और एक सीट पर निर्दलीय है।ऐसे में बौंली में भाजपा का प्रधान बैठना तय माना जा रहा है।बौंली में भाजपा से कृष्ण पोसवाल प्रबल दावेदार है वही काँग्रेस से पूजा गुर्जर का नाम चर्चाओं में है। इसी तरह बमनवास की 17 सीटों में से 8 सीटों पर भाजपा का कब्जा है।7 सीटों पर काँग्रेस और 2 सीटों पर निर्दलीय काबिज है। ऐसे में दोनों ही प्रमुख पार्टियां निर्दलीयों के सहारे और सेंधमारी की जुगत में जुटी है।बामनवास में भाजपा से शशिकला प्रधान पद की प्रबल दावेदार है। शशिकला बामनवास के पूर्व विधायक स्वर्गीय कुंजीलाल मीना की पौत्री और विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशी रहे राजेन्द्र मीना की पुत्री है।वही काँग्रेस से उगन्नति देवी को प्रधान पद का दावेदार माना जा रहा है। बौंली और बामनवास पंचायत समितियों को लेकर बामनवास विधायक इंदिरा मीणा की शाख दावपर है।इसी तरह से खंडार और चौथ का बरवाड़ा में भी खंडार विधायक अशोक बैरवा की शाख दावपर है।चौथ का बरवाड़ा पंचायत समिति की 21 सीटों में से 13 सीटों पर काँग्रेस और 7 सीटों पर भाजपा ने चुनाव जीता है एक सीट पर निर्दलीय है। वैसे तो यहाँ काँग्रेस के पास बहुमत है पर यहां काँग्रेस की आंतरिक फुट काँग्रेस के लिए सिरदर्द बनी हुई है और भाजपा यहाँ जोड़तोड़ में जुटी हुई है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही भाजपा के प्रदेश मंत्री जितेंद्र गोठवाल में यहाँ डेरा डाला हुआ है।चौथ का बरवाड़ा पंचायत समिति में काँग्रेस से प्रधान पद के लिए इंदिरा बैरवा, रवीना बैरवा, सम्पति पहाड़िया का नाम चर्चाओं में है वही भाजपा से पूर्व सरपंच शीतल पहाड़िया का नाम चर्चा में है।इसी तरह खंडार पंचायत समिति मे भी विधायक अशोक बैरवा के लिए परीक्षा की घड़ी है।क्योकी खंडार पंचायत समिति में जहाँ एक तरफ विधायक अशोक बैरवा पर अपने पुत्र संजय बैरवा को प्रधान बनाने का दबाव है वही काँग्रेस के तीन दिग्जों को मनाना उनके लिए बड़ी चुनोती है।वैसे तो खंडार की 25 सीटों में से 14 पर कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत के साथ जीत दर्ज की है।भाजपा के पास महज 8 सीट है। 2 सीट आरएलपी के खाते में और एक सीट पर निर्दलीय है।खंडार में प्रधानज पद के लिए विधायक अशोक बैरवा के पुत्र संजय बैरवा, जिला महामंत्री गोविंद शुक्ला की पत्नी मितलेश शुक्ला, खंडार ब्लॉक काँग्रेस अध्यक्ष चतर सिंह और युवा जाट नेता नरेंद्र चौधरी कांग्रेस से प्रबल दावेदार है।ऐसे में अशोक बैरवा के सामने चारो में से किसी एक को प्रधान बनाना और अन्य तीन को मनाना बड़ी चुनोती है।खंडार में भाजपा के प्रधान पद की दावेदार भूरी चुनाव हार गई ऐसे में भाजपा यहाँ वेट एंव वॉच की स्थिति में है और काँग्रेस की आपसी खींचतान का फायदा उठाने के लिए मौके के इंतजार में है।इसी तरह गंगापुरसिटी में निर्दलीय निर्णायक भूमिका में है गंगापुरसिटी पंचायत समिति की 23 सीटों में से 10 सीटों पर भाजपा।8 पर काँग्रेस और 5 सीटों पर निर्दलीयों का कब्जा है ,ऐसे में यह निर्दलीय महत्वपूर भूमिका निभाएंगे।यहां दोनों ही पार्टियों के पास बहुमत नही है।ऐसे में निर्दलीय निर्णायक भूमिका में है।गंगापुरसिटी में भाजपा से प्रधान पद के लिये मंजू गुर्जर,ममता देवी और प्रमिला का नाम चर्चा में है। वही काँग्रेस से नमिता, अनिता और जमना मीना का नाम चर्चा में है।जिले की सात पंचायत समितियों में प्रधान बैठने को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख पार्टियों में गहरा मंथन चल रहा है और दोनों ही पार्टियां जोड़ तोड़ की राजनीति कर जीत हांसिल करना चाह रही है।





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