जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान पंचायत राज चुनाव नतीजे को लेकर पूनिया ने एक बयान जारी किया। जिसमें साफ तौर पर कहा गया कि जिला परिषद के 200 वार्डों में से 90 पर बीजेपी और 99 पर कांग्रेस ने कब्जा किया है। लेकिन दूसरे तरीके से देखा जाए तो 101 सीटों पर कांग्रेस के खिलाफ जनता ने अपना मैंडेट दिया है। पूनिया ने कहा कि इसी तरह पंचायत समितियों के 1564 वार्डों में से 640 वार्डों पर ही कांग्रेस ने कब्जा किया, जबकि 551 वार्डों में भाजपा को जीत मिली। लेकिन 290 वार्ड ऐसे हैं जहां पर इंडिपेंडेंट या अन्य पार्टी के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की या फिर कहें कि पंचायत समितियों में भी आधे से ज्यादा जगह मैंडेट सत्तारूढ़ कांग्रेस के खिलाफ ही आया है। खैर पंचायत चुनाव परिणाम पर पूनिया ने अपना तर्क दे दिया। लेकिन सियासी गलियारों में सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि कांग्रेस को मैंडेट नहीं मिला तो भाजपा के पक्ष में भी जनता ने मतदान नहीं किया।
कांगेस ने सत्ता का किया दुरुपयोग।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा तो अपने बयानों में सभी 6 जिलों में जिला परिषद जीतने का दावा कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वहीं सरकार ने जोधपुर और जयपुर को अपने प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था और यहां जिस प्रकार सत्ता का दुरुपयोग किया गया, वह भी सबके सामने है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मतगणना के दौरान दो-तीन घंटे तक इसे बाधित रखा गया, मीडियाकर्मियों को इसकी जानकारी नहीं दी गई, वह अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। यही कारण है कि मैं कहता हूं कि न तो इन चुनावों में कांग्रेस जीती और न भाजपा हारी। बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने सत्ता के दुरुपयोग कर रही कांग्रेस से लड़कर भाजपा को इस चुनाव में उसके समकक्ष खड़ा किया।


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