जालोर ब्यूरो रिपोर्ट।

जालोर जिले के रानीवाड़ा थाना क्षेत्र के कोटड़ा जीएसएस परिसर में सो रहे डिस्कॉम के लाइनमैन को रात में अज्ञात बदमाश ने गोली मार दी। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि जिसको गोली लगी थी उसको 7 घंटे तक गोली लगने अंदाज नहीं था। हल्का दर्द होने पर अस्पताल जाकर एक्स-रे करवाने के बाद गोली की जानकारी हुई। उसके बाद सांचौर के निजी अस्पताल में ऑपरेशन करके गोली निकाली गई। इस मामले में अभी तक पुलिस ने कोई खुलासा नहीं किया है। दरअसल जालोर रानीवाड़ा थाना क्षेत्र के मालवाड़ा ग्राम पंचायत में स्थित कोटड़ा जीएसएस पर बीते गुरुवार की रात एक लाइनमैन हिंडौन सिटी निवासी नेमीचंद को गोली लग गई। यह गोली 10 घंटे तक लाइनमैन के शरीर में धंसी रही, जिसे अगले दिन शुक्रवार दोपहर 12 बजे ऑपरेशन कर निकाला गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि लाइनमैन को सीने में गोली धंसने का 7 घंटे तक तो अंदाजा भी नहीं था। उसका कहना है कि रात 2 बजे उसे दर्द महसूस तो हुआ, लेकिन वह समझा कि शायद बिल्ली ने झपट्‌टा मारा होगा। घटनास्थल के हालात और इस कहानी पर पुलिस को भी यकीन नहीं हो रहा है। क्योंकि उसके पास ही तीन और लाइनमैन भी सोए हुए थे, उन्हें भी पता नहीं चला।

यह था पूरा मामला।

सुबह जब करीब 9 बजे साथी कर्मचारी को गोली का खोल मिलने के बाद पता चला कि यहां पर गोली चली है। उसके बाद सीने के पास आई चोट को देखकर अस्पताल गया तो पता लगा कि उसके शरीर में वाकई में गोली लगी है, जो अभी भी धंसी हुई है। जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में उक्त कार्मिक को रेफर किया गया। जिसके बाद सांचौर शहर के निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद गोली निकाली गई। रानीवाड़ा पुलिस के मुताबिक अज्ञात के खिलाफ धारा 307 में मामला दर्ज किया गया था, लेकिन अभी तक गोली चलाने वाले का सुराग नहीं लगा है। 

बिल्ली ने मारा होगा नाखून का झपट्‌टा।

गोली लगने के बाद पुलिस को युवक ने करीब 9.30 बजे के आसपास जीएसएस में फायरिंग होने की सूचना दी। पुलिस को दी रिपोर्ट के अनुसार नेमीचंद ने बताया कि तीन साथियों के साथ 12 बजे फॉल्ट निकालने के बाद जीएसएस पर बने कमरे में तीनों सो गए। रात को 2 बजे कुछ महसूस हुआ कि शरीर में गर्म घुसा है। एक बार अचानक उठकर पड़ोस में सो रहे सुरेश के ऊपर गिर गया। देखा तो लगा कि बिल्ली ने नाखून का झपट्‌टा मारा होगा, क्योंकि बिल्ली कमरे में घूम रही थी। फिर पानी पीकर वापस सो गया।लाईनमैन का कहना है कि सुबह जब दर्द हुआ तो मालवाड़ा चिकित्सालय में दर्द का इंजेक्शन लगवा कर वापस आ गया। तब मेरे साथ में रह रहे कर्मी सुरेश ने मुझे खाली मैगजीन का कवर दिखाकर बताया कि यहां तो रात को कोई गोली चली है। उसके बाद शरीर में गोली लगने का शक हुआ।उसके बाद हम ने पुलिस को इन्फॉर्म किया एवं रानीवाड़ा चिकित्सालय आए जहां एक्स-रे करने पर पता चला कि गोली अभी अंदर ही है।