चित्तौडग़ढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट।
चित्तौड़गढ़ जिले में पल-पल बदल रहे मौसम के मिजाज के चलते जिले के सबसे बड़े जिला राजकीय सांवलियाजी चिकित्सालय में मौसम बीमारियों से ग्रसित मरीजों की तादाद बढ़ने लगी है l जिसके चलते चिकित्सालय के सभी वार्डों में बेड की कमी देखी जा रही है और मरीजों का जमीन पर लेटा कर तत्परता के साथ चिकित्स्कों और नर्सिंग कर्मियों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है l।इसकी जानकारी देते हुए जिला राजकीय चिकित्सालय में वरिष्ठ फिजीशियन डॉ अनीश जैन ने बताया कि पल-पल मौसम मै हो रहे बदलाव के साथ ही वर्तमान में विभिन्न प्रकार के बीमारियों जिसमें प्रमुख रुप से डेंगू, वायरल बुखार, सर्दी- जुखाम सहित कई अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है l जिसके कारण मेल व फीमेल वार्ड, और ट्रोमा वार्ड मे भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों का उपचार किया जा रहा है l उन्होंने बताया कि 120 बेड वाले चिकित्सालय में वर्तमान में करीब 160 मरीज विभिन्न बीमारियों से ग्रसित भर्ती हैं l उन्होंने बताया कि वार्ड में भर्ती करीब 15 मरीज डेंगू पॉजिटिव मरीजों का भी उपचार किया जा रहा है l उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में पानी के बदलाव के साथ विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारियां आमजन की लापरवाही के चलते जकड़ लेती है l उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में मच्छरों की बढ़ती संख्या से भी डेंगू और वायरल जैसी बीमारियां फैल रही है l इन बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार की मुहिम के अनुसार हर रविवार सूखा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है l जिसके अंतर्गत अपने घर में रखे गमलों और आसपास भरे पानी को खाली कर साफ करें और रविवार को गमलों में पानी नही देंवें l जिससे कि उनमे पनप रहे मच्छरो से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी और बीमारियां भी आमजन से दूर रहेगी l वहीं उन्होंने बताया कि पानी में हो रहे विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया को समाप्त करने के लिए भी पानी को उबालकर ठंडा करें और उसका सेवन करें जिससे कई बीमारियों से बचा जा सकता है l


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