धौलपुर से मुनेश धाकरे की रिपोर्ट
धौलपुर जिले के कौलारी थाना क्षेत्र के परौआ गांव की रहने वाली एक 20 वर्षीय बेटी गिरिजा अपनी मां की झुलसी हुई अवस्था में मौत हो जाने के बाद जेल से अपने पिता को पेरौल छुड़ाने के लिए प्रशासन और जेल प्रशासन के चक्कर लगा रही थी,जिसे आखिर 24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अपने पिता को भरतपुर सेवर जेल से पैरोल दिलाया और अंतिम संस्कार कराया गया। 03 सितम्बर 2021 को गिरजा की मां का ग्वालियर के निजी अस्पताल में निधन हो गया था। लेकिन मां के अंतिम संस्कार के लिए बेटी ने धौलपुर जिला प्रशासन के समक्ष पिता को सेवर जेल से पैरोल दिलाने की गुहार लगाई थी। भारी पुलिस सुरक्षा के बीच मृतका का अंतिम संस्कार करा दिया गया हैं। मृतका की पुत्री और अन्य परिजन आरोपी दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।पीड़ित गिरिजा पुत्री बसन्ता ने बताया कि 27 जुलाई 2021 को परिवार के लोगों से जमीनी विवाद को लेकर झगड़ा हुआ था। झगड़ा होने के बाद रात्रि को करीब आधा दर्जन आरोपियों ने उसकी मां गुड्डी देवी के साथ मारपीट की थी। उसके बाद आरोपियों ने केरोसिन और पैट्रोल डालकर आग लगा दी। घटना को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए। गिरिजा ने बताया कि झुलसी हुई अवस्था में मां को जिला अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती कराया था। लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उसे रैफर कर दिया। पीड़िता के मुताबिक मां को ग्वालियर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां एक महीने से अधिक समय तक चले उपचार के बाद को मौत हो गई। पीड़िता ने बताया कि उसके पिता हत्या के प्रकरण में भरतपुर सेवर जेल में सजा काट रहे है। मां के अंतिम संस्कार के लिए पिता को पैरोल दिलाने के लिए बेटी शुक्रवार की देर शाम जिला प्रशासन के पास पहुंच गई और आज शनिवार को पीड़िता की मांग पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर चेतन चौहान ने संज्ञान लेते हुए भरतपुर सेवर जेल अधीक्षक के लिए पत्र लिखा था। उसके बाद पीड़िता भरतपुर सेवर जेल पहुंच गई। भरतपुर जेल प्रशासन ने मानवीयता का परिचय देते हुए पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए जेल में बंद बसंता को पैरोल प्रदान कर दी। बेटी 24 घंटे के संघर्ष के बाद पिता को घर लेकर पहुंच गई। जहां नम आंखों से भारी पुलिस के बीच मां का अंतिम संस्कार करा दिया गया। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि काफी लंबा समय गुजर जाने के बाद भी आरोपी खुले में घूम रहे हैं। पीड़िता ने दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।गिरिजा की मां गुड्डी की मौत होने के बाद वह घर में अकेली रह गई है। पिता बसंता ठाकुर हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। बेटी की परवरिश और लालन-पालन कैसे होगा,इसका जवाब किसी के पास नहीं है।गिरिजा बीएससी फाइनल में पढ़ रही हैं।आपसी रंजिश में झुलसी हुई महिला गुड्डी की मौत होने के बाद गांव परौआ में तनाव के हालात पैदा हो गए हैं। पुलिस ने कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए भारी तादाद में आरएसी के जवान और पुलिस बल तैनात किया है। उधर मृतका का गुड्डी देवी के पीहर पक्ष के लोगों में भी भारी आक्रोश देखा जा रहा है।


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