ब्यूरो रिपोर्ट।
नंद के आनंद भयो-- जय कन्हैया लाल की और हाथी घोड़ा पालकी-- जय कन्हैया लाल की जैसे बधाई गान के साथ नंद उत्सव मनाया गया। छोटी काशी के प्रमुख मंदिरों में मंगलवार को सादगी से मनाए गए नंदोत्सव में महन्त और मंदिर ट्रस्ट के अलावा सेवागीरों ने भी शिरकत की। जन्माष्टमी की तरह नंदोत्सव में भी आम दर्शनार्थियों का प्रवेश निषेध रहा। छोटी काशी के आराध्य देव श्री गोविंद देव मंदिर में नंद बाबा के आगमन की खुशी में बधाईगान, उछाल और नृत्य के कार्यक्रम आयोजित किए गए। बिना भक्तों के नंदोत्सव सादगी से ही मनाया गया।
महन्त अंजन कुमार गोस्वामी के सानिध्य में हुए इस आयोजन में श्रृंगार आरती के समय छप्पन भोग की झांकी सजाई गई। इसके बाद मंदिर के सेवागीरो ने ठाकुर जी को फल, टाफी और खिलौनों के थाल अर्पित किए। मंदिर के परिक्रमा परिसर के अंदर ही ठाकुर जी को चांदी के रथ पर विराजमान कर शोभा यात्रा की परंपरा का निर्वहन किया गया। मंदिर के महंत अंजन कुमार गोस्वामी के साथ प्रबंधक मानस गोस्वामी ने रथ को खींचते हुए निज मंदिर की परिक्रमा करवाई।
इस दौरान मंदिर के सेवागीरों ने प्रभु के आगमन की खुशी में संकीर्तन भी किया। आपको बता दें कि हर वर्ष जन्माष्टमी के दूसरे दिन श्री गोविंद देव मंदिर में नंदोत्सव की धूम रहती है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। बधाई उछाल लेने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ लगी रहती है। शाम को गोविंद देव जी मंदिर परिसर से पुरानी बस्ती स्थित राधागोपीनाथ मंदिर तक विशाल शोभायात्रा भी निकाली जाती है। लेकिन इस बार कोरोना के चलते यह सभी आयोजन मंदिर परिसर में ही बिना भक्तों के सादगी से आयोजित किए गए।




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