ब्यूरो रिपोर्ट
खाटूश्यामजी नगर पालिका में टेंडर प्रक्रिया मे गडबडझाला का ठेकेदारों ने आरोप लगाया है.ठेकेदारों का कहना है कि टेंडरों गड़बड़ी का खेल तो खेला ही जाता है । शायद यही कारण है कि ऑनलाइन नाम का ही होता है । खाटूश्यामजी नगर पालिका में ऐसा ही मामला सामने आया है । गौरतलब है सभी सरकारी विभागों व निगम / बोर्ड में किसी भी कार्य के लिए टेंडर आमंत्रित करने का प्रावधान है । पूर्व में इनमें रेटों की गड़बड़ी होती थी । इस कारण इस प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया । प्रक्रिया तो ऑनलाइन कर दी , लेकिन चहेते को फायदा पहुंचाने के लिए इसमें खामी छोड़ दी । अब भी टेंडर वाले को बंद लिफाफा बंद पेटी में डालना होता है ।
जिसमें टेंडर का डिमांड ड्राफ्ट व अन्य दस्तावेज होते हैं । किसी को अपने चहेते को फायदा पहुंचाना हो , तो दूसरे का लिफाफा ही नहीं लिया जाता । यह तो तब है आजकल ' डिजिटल इंडिया ' हो गया।जानकारी के मुताबिक खाटूश्यामजी नगर पालिका ने 18 अगस्त को सीसी रोड के टेंडर आमंत्रित किए । कई ठेकेदारों ने ऑनलाइन आवेदन किया । बुधवार को जब ठेकेदार डीडी व अन्य दस्तावेज का बंद लिफाफा लेकर पहुंचे तो उन्हें टरका दिया गया। उन्हीं में से एक दो ठेकेदारों ने बताया,वह लिफाफा लेकर पहुंचे तो नगरपालिका जेईएन दिनेश चांदा ने डीडी व दस्तावेज नहीं लिए । उन्हें कहा गया आप लिफाफा टेंडर बॉक्स में डालने के लिए ऑथराइज्ड नहीं है। उन्होंने बताया कि,जब वे वहीं खड़े रहे तो उन्हें कहा गया एईओ साहब से मार्क करवा कर लाइए।उन्होंने बताया कि वह एईओ के पास गए और सारी जानकारी दी तो उन्होंने फोन कर जेईएन को लिफाफा लेने के लिए कहा । इस पर वे उनके पास आए तो लिफाफा लेकर रख लिया और कहा बाद में बॉक्स में डाल दूंगा । उन्होंने बताया कि गड़बड़ी की आशंका के चलते सभी ठेकेदार वहीं डटे रहे । जब शाम 6 बजे भी बॉक्स सील नहीं किया गया तो सभी के आपत्ति उठाने के बाद एक छोटा सा कागज चिपकाया गया , लेकिन पूरी तरह सील नहीं किया गया । उन्होंने बताया अंत में जेईएन ने तो धमकी भी दे दी कि तुम्हारे टेंडर छूट भी गया तो तुम काम कर लोगे ? जांच तो हमें ही करनी है।

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