ब्यूरो रिपोर्ट।
अब आम भारतीय भी सीमा पर जाकर पाकिस्तानी रेंजर्स की बॉर्डर पार हो रही गतिविधियां देख सकेंगे। अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सिर्फ 150 मीटर दूरी पर बीएसएफ ने एक ऐसा व्यूवर टावर बनाया है जिस पर से दर्शक दूर तक देख पाएंगे। बीएसएफ बीकानेर सेक्टर की सांचू पोस्ट पर बना यह टावर देश की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर देशवासियों के लिए खोल दिया जाएगा।
आम भारतीय आए दिन मीडिया में बॉर्डर पर घुसपैठ और तस्करी के ख़बरें देखता है और उसकी यह जिज्ञासा रहती है कि वो सीमा पार की गतिविधियां देख पाए।
जहाँ यह टावर बनाया गया है उसके ठीक सामने पाकिस्तानी चौकी सतपाल के बड़ा है। बाएं हाथ को रनिहाल पोस्ट है। इस पोस्ट को भारत ने 1971 में जीता था। देश के विभाजन के समय से ही यहाँ दोनों देशों के नागरिकों की आवाजाही थी लेकिन 1971 के युद्ध ने हालात बदल दिए।1990 के बाद जीरो लाइन से 150 मीटर पर तारबंदी कर दी गई।
बालाकोट स्ट्राइक के बाद पहली बार इस बार ईद पर सीमा के आर-पार मिठाई बंटी। अब बीएसएफ ने अटारी, तनोट, हिंदुमलकोट के बाद सांचू भी बॉर्डर टूरिज्म के लिए तैयार कर दिया है। पंजाब में अटारी और जैसलमेर में तनोट, श्रीगंगानगर में हिंदुमलकोट के बाद अब बीकानेर का सांचू भी बॉर्डर टूरिज्म के लिए तैयार है। अटारी के बाद सांचू खास होगा, जहां जीरो लाइन के पास से लोग सीमा पार देखने का लुत्फ उठा सकेंगे। सांचू पोस्ट को सीमा दर्शन प्रोग्राम के तहत बॉर्डर टूरिज्म के रूप में विकसित किया गया है।
वार ट्रॉफी के रूप में पोस्ट पर दो टैंक भी तैनात किए जाएंगे, जिनका मुंह पाकिस्तान की ओर होगा। गृह मंत्रालय से इसकी मंजूरी मिल गई है। संभवतया अक्टूबर तक दोनों टैंक सांचू पर तैनात कर दिए जाएंगे। वार म्यूजियम और सांचू माता का मंदिर पहले ही बन चुका है।



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