अजमेर से नवीन वैष्णव की रिपोर्ट।

अफगानिस्तान में चल रहे संकट के दौरान प्रदेश में पहली बार तालिबान के खिलाफ आवाज उठी है। अजमेर दरगाह के दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन ने तालिबान के खिलाफ पुरजोर आवाज उठाते हुए कहा है कि तालिबान की ओर से मानवता के खिलाफ बर्बरता बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि इस्लाम को तानाशाही तरीके से बदनाम किया जा रहा है। अजमेर दरगाह के दीवान आबेदीन ने शनिवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि अफगानिस्तान क्रूर तालिबान के हाथों में आ गया है। तालिबान इस्लाम के उसूलों के खिलाफ औरतों पर अनचाही बंदिशे लगाने और मामूली अपराध पर भी शरीयत कानून का हवाला देकर घोर और निंदनीय दण्ड देने का अपराध करते हैंः ऐसे में अफगानिस्तान की आम जनता पर जुल्मों की इंतहा होने लगी है। इस्लाम कभी भी ऐसे शरीयत कानून को मान्यता नहीं देता। उन्होंने कहा कि भारत में सांप्रदायिक सौहार्द को कायम रखते हुए हम आम जनता से यही अपील करते हैं कि तालिबान जैसे क्रूर शासकों की घोर निंदा की जाए और सर्वधर्म समभाव जैसी भावना के साथ ही विश्व जन समुदाय को आपस में जोड़ने की कवायद शुरू हो।