चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट
चित्तौड़गढ़ भारतीय किसान संघ के महामंत्री बद्री नारायण चौधरी ने कहा है कि भारतीय किसान संघ किसानों के हितों की रक्षा के लिए सदैव अपने अग्रणी भूमिका अदा करता रहेगा, लेकिन किसान आंदोलन की आड़ में किए जा रहे उपद्रव को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा और ना ही उनके किसी आंदोलन का समर्थन करेगा।भारतीय किसान संघ के राजस्थान प्रदेश के चित्तौड़ प्रांत के तीन दिवसीय अधिवेशन के समापन के अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए भारतीय किसान संघ के महामंत्री बद्रीनारायण चौधरी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि 26 जनवरी को नई दिल्ली के लाल किले पर किसानों के आंदोलन की आड़ में उपद्रव किया गया और राष्ट्र की संपत्ति को जिस तरह से क्षतिग्रस्त किया गया है उसकी भारतीय किसान संघ आलोचना करता है, वहीं उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ इस तरह के किसानों की आड़ में किया जा रहे उग्र आंदोलन का हिस्सा कभी नहीं बनेगा, एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जिन तीन कृषि कानूनों को लोकसभा की मंजूरी दी है उसमें संशोधन करना आवश्यक है, जिसके लिए भारतीय किसान संघ की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन भी दिया जा चुका है जिसमें संघ की तरफ से 31 अगस्त तक की समय सीमा दी गई है, उन्होंने कहा कि 8 सितंबर से पूरे देश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय देशव्यापी धरना आयोजित किया जाएगा ।उसमें अगली रणनीति पर विचार भी किया जाएगा, वही एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि कृषि कानून में केंद्र सरकार को बदलाव करने की आवश्यकता है वहीं उन्होंने कहा कि भारत का किसान अपने राष्ट्रीय दायित्व को भलीभांति समझता है और हमेशा से जो भी किसान हितेषी संगठन है वह कभी भी उग्रता के साथ किसी भी आंदोलन को स्वीकार नहीं करेगा। इस पत्रकार वार्ता में चित्तौड़ प्रांत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष शंकर लाल नागर, महामंत्री अंबालाल भी मौजूद रहे।


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