ब्यूरो रिपोर्ट।

प्रदेश में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर कई बार चिंता जता चुके हैं। उनके बयान कोरोना के वर्तमान हालात को लेकर मीडिया की सुर्खियों में रहे हैं। और तो और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा जो कि गोवा में सपरिवार छुट्टियां बिताकर  रविवार शाम को ही जयपुर लौटे हैं, उन्होंने भी कई बार तीसरी लहर को लेकर अपनी ओर से बयान दिए हैं। मुख्यमंत्री अपने बयान के जरिए कोरोना महामारी के नजरिए से आमजन को सावधान रहने की कई बार अपील कर चुके हैं। सरकारी अमले को यह दिशा निर्देश भी दिए गए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर कोविड-19 प्रोटोकॉल की पालना होनी चाहिए। लेकिन देखा जाए तो प्रदेश में मानसून की शुरुआत होते ही पर्यटन स्थलों पर उमड़ी भीड़ ने गहलोत और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के बयानों को एक तरह से उधेड़ कर रख दिया है। 

ना तो कहीं कोविड- प्रोटोकॉल की पालना हो रही है और ना ही इसकी रोकथाम के लिए कोई सरकारी नुमाइंदों की टीम नजर आ रही है। संबंधित थाना क्षेत्रों की पुलिस भी इस मामले में मौन साधे खड़ी है। आप ये जो दृश्य देख रहे हैं यह 8 अगस्त रविवार 2021 की रात 9:00 बजे के हैं। जल महल की पाल पर पूरा बाजार सजा हुआ है। गाड़ियों की रेलम पेल मची हुई है। थड़ी ठेले, खोमचे का बाजार सजा हुआ है। ना कोई मास्क है, ना कोई सोशल डिस्टेंसिंग है और ना ही इन्हें कोई रोकने वाला है।   प्रशासन से राजकाज न्यूज़ का यही सवाल है कि अगर मानसून के आगामी दिनों में ऐसा ही आलम रहा तो प्रदेश में कोरोना के आर फैक्टर को कौन रोक सकता है ?  मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री के स्तर पर बार-बार दिए जा रहे बयानों से कोरोना नहीं रुकेगा। जबकि जरूरत यह है कि हकीकत के धरातल पर इसकी वास्तविकता के लिए तमाम प्रयास अभी से शुरू किए जाएं, जिसमें कि राज्य सरकार अभी तक फेल साबित होती नजर आ रही है।