ब्यूरो रिपोर्ट।
देश में कोरोना महामारी की रोकथाम की दिशा में निर्मित की गई कोवैक्सीन और कोविशील्ड की अलग-अलग दो डोज देने के बजाय यदि इन दोनों वैक्सीन को मिलाकर एक ही डोज दी जाए तो वह दोनों डोज से ज्यादा असरदार साबित होगी। यह निष्कर्ष निकला है भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान की ओर से की गई एक रिसर्च में। इन दोनों संस्थानों की ओर से की गई रिसर्च रिपोर्ट में बताया गया कि इसको लेकर मई-जून के दौरान 98 लोगों पर रिसर्च की गई। उसमें यह पाया गया कि उन लोगों की इम्युनिटी पावर ज्यादा है जिन्हें अलग-अलग वैक्सीन की डोज लगी हो। रिसर्च में यह भी पता लगा कि कोविशील्ड और कोवैक्सीन की मिक्स डोज लगवाने से इम्यूनिटी भी ज्यादा बढ़ती है। प्रतिकूल प्रभाव की बात करें तो एक ही टीके की दोनों खुराक के समान यह प्रभाव पाए गए। रिसर्च में बताया गया कि कोविशील्ड और कोवैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले लोगों के मुकाबले इन 18 लोगों की सुरक्षा और रोग प्रतिरोधक क्षमता की तुलना की गई। अलग-अलग वैक्सीन की खुराक लेने वाले लोगों में कोरोना के अल्फा, बीटा और डाटा वैरिएंट के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा पाई गई। आपको बता दें कि यूपी के सिद्धार्थनगर में 18 लोगों ने अनजाने में पहली खुराक कोवैक्सीन और दूसरी डोज कोविशील्ड की ले ली। इन सभी के साथ 40 कोविशील्ड और 40 कोवैक्सीन की दोनों खुराक लेने वाले लोगों को शोध में शामिल किया गया। यह रिसर्च मई से जून 2021 के बीच किया गया। रिसर्च परिणाम का असर कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम पर व्यापक रूप से होने की संभावना है। इससे कोरोना वायरस के विभिन्न स्वरूपों के खिलाफ बेहतर सुरक्षा मिलने का मार्ग प्रशस्त होने की संभावना है।


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