जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट

राजस्थान सरकार के निर्णय के अनुसार बुधवार से यानि की आज से प्रदेश की स्कूलों में घंटी बजेगी। सरकार ने आज से कक्षा 9 से 12 तक की स्कूल खोलने का निर्णय किया था और इसके लिए एसओपी भी जारी कर दी गई है। आज से स्कूल खोलने के लिए स्कूल प्रबंधकों ने भी पूरी तैयारियां कर ली है। प्रदेश में राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार करीब 21 हजार नौंवी से 12वीं तक की स्कूल खोले जाएगे। इनमें 5 हजार सरकारी और 16 हजार निजी स्कूल शामिल हैं।  स्कूलों ने एसओपी के अनुसार स्कूल खोलने की पूरी तैयारी कर ली है। स्कूलों ने सीटिंग अरेंजमेंट और सैनिटाइज का काम भी पूरा कर लिया है। इन 21 हजार स्कूलों में 50 लाख विद्यार्थियों के पहुंचने की संभावना है। शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल खोलने को लेकर पूरी तरह से सतर्क है और वह आज स्कूलों का निरीक्षण भी करेंगे।शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को ही स्कूल बुलाया जाएगा। पहले शिफ्ट में सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 बजे और दूसरी पारी का समय 12:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक रहेगा।स्कूलों को लेकर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि विभाग की ओर से एसओपी जारी कर दी गई है। स्कूल खोलने के दौरान कोरोना का विशेष ध्यान रखा जाएगा। कोविड गाइड लाइन का पूरा पालन किया जाएगा। बच्चों को पानी घर से लेकर आना होगा, सोशल डिस्टेंसिंग की पालना की जाएगी और उन्हें मास्क पहनकर स्कूल आना होगा। लंच भी बच्चा अपनी सीट पर करेगा। वह किसी के भी साथ लंच शेयर नहीं करेगा। यदि कोई बच्चा मास्क लेकर नहीं आता है तो स्कूल की ओर से उसे मास्क उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही स्कूल में हाथ धोने की भी माकूल व्यवस्था होगी। स्कूलों को सैनिटाइज भी कराया जाएगा। कक्षा में बच्चों को क्षमता के अनुसार 50 फीसदी बैठाया जाएगा। मंत्री डोटासरा ने कहा कि कोरोना को देखते हुए पाठ्यक्रम को भी 30 फीसदी कम किया गया है। बच्चों का मंथली टेस्ट भी होगा। जिससे जरूरत पड़ने पर बच्चों की बुद्धि का विश्लेषण किया जा सके। बच्चों की परीक्षा न होने की स्थिति में बच्चों को मार्क्स दे सके। उन्होंने कहा कि 9 से 12वीं तक की स्कूल खोलने के बाद छोटे स्कूलों को भी खोलने पर चर्चा की जाएगी। उम्मीद करते हैं कि जल्द ही छोटे स्कूल खोलने के लिए भी केंद्र सरकार एसओपी जारी करेगी। इसके लिए लगातार मुख्यमंत्री भी विशेषज्ञों से चर्चा कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि समय-समय पर विभाग के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी स्कूलों में जाकर कोविड गाइडलाइन की पालना का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चा और उसका स्वास्थ्य भी हमारे लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री भी चाहते हैं कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, हम लोग बच्चों के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखेंगे।