ब्यूरो रिपोर्ट।
राजधानी जयपुर के आराध्य देव कहे जाने वाले श्री गोविंद देव मंदिर में कृष्ण जन्म उत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई है। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी सोमवार को पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ नंदलाला का जन्मदिन मनाया जाएगा। इस बार मंदिर प्रांगण को रंग-बिरंगी झालरों के साथ ही आकर्षक लाइटिंग से भी सजाया गया है। कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए इस बार भी मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं का प्रवेश निषेध रहेगा। रविवार, सोमवार और मंगलवार को 3 दिन तक श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश निषेध रहेगा।
श्रद्धालु केवल ऑनलाइन के जरिए ही अपने आराध्यदेव के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर के प्रवक्ता मानस गोस्वामी के अनुसार इस बार जन्माष्टमी के पहले दिन कोरोना से दिवंगत हुए लोगों की आत्मा की शांति के लिए 29 अगस्त को हरिनाम संकीर्तन किया जाएगा। जन्माष्टमी की रात को 12:00 बजे गोविंद का अभिषेक होगा। इसका ऑनलाइन प्रसारण किया जाएगा। ठाकुर जी को नवीन पीत वस्त्र धारण कराए जाएंगे। जन्माष्टमी के दिन रात 10:00 बजे से जन्माष्टमी व्रत कथा होगी और 12:00 बजे ठाकुर जी का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। वहीं मंगलवार को श्रृंगार आरती के बाद नंदोत्सव मनाया जाएगा। छप्पन भोग की झांकी के दर्शन होंगे और इस बार शाम को शोभायात्रा भी निकाली नहीं जाएगी, सिर्फ मंदिर परिसर में ही ठाकुर जी की शोभायात्रा निकाल कर औपचारिक रूप से रस्म पूरी की जाएगी।



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