राजस्थान के कोटा पुलिस प्रशासन ने एक हार्डकोर अपराधी की कडी सुरक्षा को लेकर शहरवासियों को पिछले 6 दिनों से भारी मुसीबत में डाल रखा हैं। साल 2019 में कोटा में हिस्ट्रीशीटर रणबीर चौधरी हत्याकांड हुआ था। जिसका आरोपी गैंगस्टर शिवराज सिंह हैं। कोटा पुलिस ने बदमाश को शहर के बीचों-बीच स्थित गुमारपुरा थाने में 31 जुलाई से रख रखा हैं।
उसकी सुरक्षा को लेकर पुलिस ने गुमानपुरा थाने की ओर जाने वाले सभी रास्तें बैंरिकैडिंग करके सील कर रखें हैं। हथियारों से लैस करके जवानों को तैनात किया हुआ हैं। जबकि गुमानपुरा थाना, व्यस्तम मोटर मार्केट हैं। कई अन्य तरह का व्यापार धंधा करने वाले व्यापारियों की दुकानें, विभिन्न कंपनियों के छोटे-बडे ऑफिस हैं। थाने के यहां से टीम्बर मार्केट का रास्ता जाता हैं। ऐसे में इलाके सभी रास्ते बंद कर देने से आमजनता खासी परेशान हैं। दुकानदारों को कोरोना काल की मार के बाद व्यापार करने में भारी परेशान का सामना बैरिकैडिंग के लगने से करना पड रहा हैं।
लोगों की शिकायत हैं कि बैरिकैडिंग के साथ तैनात पुलिस के जवानों का आमजन के साथ बर्ताव ठीक नहीं हैं। व्यापारी अरूण गर्ग ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने दो लोगों को आगे की शॉप पर कुछ सामान लेने भेजा था। जाते समय पुलिस के जवानों ने उन्हें रोका नहीं। जब वापस सामान लेकर आ रहे थे, दोनों को पुलिस के जवानों ने तीन-तीन थप्पड जड दिए। व्यापारी ने राजकाज के संवाददाता को बताया कि पुलिस ने पहले दो दिन रास्ता बंद रहने की बात कही थी। बाद में चार दिन ओर बढा दिए। जबकि बारिश के मारे धंधा चौपट है, जो कुछ ग्राहक आ रहे है वह भी बैरिकैडिंग के कारण दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे व्यापारी चौपट हो रहा हैं। व्यस्तम बाजार होने के कारण जाम के हालात बने हुए हैं। बैरिकैडिंग के यहां लोगों को अपने वाहन लगाकर आना जाना पड रहा हैं। व्यापारी ने कहा कि पुलिस को अपराधी को सुरक्षा देनी है, तो उसे जेल में या कुछ अन्य स्थान पर रखें, व्यापारियों व आमजन को क्यों पुलिस ने परेशान कर रखा हैं।
-थाने के सीआई ने कहा उच्चाधिकारियों को है फैसला
थाने के आसपास बैरिकैडिंग क्यों लगा रखी हैंघ् इस सवाल के साथ एनबीटी ने गुमानपुरा पुलिस थाना के सीआई लखनलाल मीणा से बात की। सीआई ने कहा थाने में हार्डकोर अपराधी गैंगस्टर शिवराज सिंह कडी सुरक्षा में रखा हुआ हैं। सुरक्षा के हिसाब से रास्तों पर बैरिकैडिंग लगा रखी हैं। यह फैसला पुलिस के उच्चाधिकारियों का हैं। गैंगस्टर रणबीर चौधरी हत्याकांड का आरोपी हैं। पीसी रिमांड चल रहा हैं। 6 अगस्त को आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। अगर कोर्ट उसे न्यायिक अभिरक्षा जेल में भेजती है, तो बैरिकैडिंग 6 अगस्त को हटा ली जाएगी। और कोर्ट ने पीसी रिमांड बढाया, तो बैरिकैंडिग रहेगी।
-गैंगस्टर शिवराज सिंह को भरतपुर जेल से बख्तरबंद वाहन में पुलिस लेकर आई थी कोटा
गैंगस्टर शिवराज सिंह को राजस्थान पुलिस ने भतरपुर जेल में कर रखा है बंद
रणबीर चौधरी हत्याकांड में 31 जुलाई को उसे गिरफतार करके बख्तरबंद वाहन में कोटा पुलिस यहां लेकर आई थी। कोर्ट ने पुलिस को उसे दो दिन के रिमांड पर सौंपा था। रिमांड खत्म होने पर 2 अगस्त को उसे वापस कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे फिर 6 अगस्त तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा। गौरतलब हैं कि 22 दिसंबर 2019 को कोटा शहर के आरकेपुरम थाना क्षेत्र में श्रीनाथपुरम स्टेडियम के मुख्य गेट पर हमलावरों ने हिस्ट्रीशीटर रणबीर चौधरी पर कई गोलियां दागकर मौत के घाट उतार दिया था। चौधरी को 15 गोलियां लगी थी। पुलिस ने इस मामले में कई बदमाशों को पकडा था। शिवराज भी हत्याकांड में गिरफतार अब हुआ हैं।
शिवराज सिंह की दुश्मनी सीधी भानूप्रताप गैंग से
रणबीर सिंह भानू गैंग का गुर्गा था। भानू व रणबीर इस गैंगवार में मौत हो गई। ऐसे में दूसरी गैंग कब शिवराज से भानू व रणबीर की मौत का बदला लेवें, ऐसे में पुलिस चौक्कनी रहती हैं। यहीं कारण है कि जब 31 जुलाई को इस गैंगस्टर शिवराज को गिरफतार करके कोटा लाया गया, तो भतरपुर से पुलिस भारी सुरक्षा जाप्ते के साथ लेकर आई। पुलिस की गाडियों ने बख्तरबंद वाहन को एस्कॉर्ट किया। कोर्ट में पेशी के दौरान कमांडों मुस्तैद रहे। कमांडो क्यूआरटी फोर्स, डीएसबी के जवान मुस्तैद रहे। वीडियो कैमरों की नजर में शिवराज को रखा गया। पुलिसजवानों की वर्दी पर स्पेशल कैमरे लगाए। कोर्ट परिसर का एक गेट छोडकर बाकी गेट बंद रखे।
कोटा से हँसपाल यादव की रिपोर्ट।


0 टिप्पणियाँ