विशेष संवाददाता अवनीश पाराशर की रिपोर्ट

करौली के प्रसिद्ध राधा मदनमोहनजी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान कृष्ण की झांकी और रात्रि 12:00 बजे कृष्ण जन्मोत्सव नहीं मनाया जाएगा जिसके कारण भक्तों में गहरी निराशा हुई है। कोरोना को देखते हुए राज सरकार की गाइडलाइन व जिला प्रशासन के निर्देशानुसार मंदिर ट्रस्ट प्रबंधक कमेटी ने  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की अवसर पर भगवान कृष्ण की झांकी और रात्रि 12:00 बजे कृष्ण के जन्म के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए बंद रखने का फैसला लिया है। जिसके कारण भक्त जन भगवान कृष्ण जन्मोत्सव के दर्शन नहीं कर सकेंगे।हालांकि जिला प्रशासन ने मंदिर ट्रस्ट को कृष्ण भक्तों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन आराध्य देव श्री राधा मदन मोहन जी महाराज के दर्शनों के लिए सुबह 8:30 से 11:30 तक दर्शन करवाने की अनुमति दी है जिसके कारण श्रद्धालु श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन प्रशासन के निर्देश पर सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक दर्शनों का लाभ प्राप्त कर सकेंगे इसके बाद श्रद्धालुओं को श्री राधा मदन मोहन जी महाराज के दर्शन 31 अगस्त को सुबह 8:30 बजे से होंगे।श्री राधा मदन मोहन जी महाराज मंदिर ट्रस्ट प्रबंधक मलखान पाल व भूपेंद्र पाल ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण राज्य सरकार के द्वारा जारी गाइडलाइन और जिला प्रशासन के निर्देशानुसार श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रात्रि झांकी दर्शन एवं कृष्ण जन्मोत्सव नहीं मनाया जाएगा।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन जिला प्रशासन के निर्देशानुसार भक्तजन सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक दर्शनों का लाभ प्राप्त कर सकेंगे लेकिन सायं कालीन झांकियों के दर्शन बंद रहेंगे और इसके बाद भक्तजनों को 31 अगस्त को सुबह 8:30 से श्री राधा मदन मोहन जी महाराज के दर्शनों का लाभ मिलेगा।

रात 12:00 बजे भगवान कृष्ण की प्रतिमा को कराया जाता है पंचामृत से स्नान।

करौली जिले के प्रसिद्ध आराध्य देव मदन मोहन जी महाराज मंदिर में पुजारी रात्रि 12:00 बजे भगवान कृष्ण की प्रतिमा को सर्वप्रथम पंचामृत से स्नान करवाते हैं उसके बाद जिस प्रकार एक नवजात बच्चे को कपड़े में लपेटा जाता है उसी प्रकार भगवान कृष्ण की प्रतिमा को भी सफेद सूती कपड़े में लपेटकर मंदिर में विराजमान करते हैं और भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना कर आरती की जाती है तथा सभी भक्तों को पंजीरी और पंचामृत प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है लेकिन इस बार भक्तजनों को कृष्ण जन्म उत्सव का आनंद लेने का अवसर नहीं मिल पाएगा।

जिले भर में धूमधाम से मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी।

नंद बाबा और देवकी की आठवीं संतान के रूप में भाद्रपद अष्टमी को जन्मे भगवान कृष्ण के जन्म उत्सव को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाने वाला पर्व पूरे जिले भर में बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ में मनाया जाएगा।प्रसिद्ध आराध्य देव राधा मदन मोहन जी महाराज मंदिर को छोड़कर जिले के सभी श्री कृष्ण मंदिरों में रात्रि भगवान कृष्ण जन्मोत्सव व झांकी दर्शनों के साथ भजन संध्या के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। वही जिले में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन दिन भर आसमान में पतंगबाजी का नजारा भी देखने को मिलेगा।जिले भर में पतंग उड़ाने के शौकीन लोगों  ने जन्माष्टमी से 1 दिन पूर्व ही दुकानों से माजा,धागा और विभिन्न प्रकार की रंग बिरंगी पतंगे खरीद कर रख ली है जिससे जन्माष्टमी के दिन बड़े भी अपने बच्चों के साथ पतंग उड़ाने का आनंद लेंगे।