बारां जिले में बारिश के चलते सीसवाली कस्बे सहित क्षेत्र के गांवो की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है, सीसवाली जाने वाले सभी रास्ते बन्द है ।सीसवाली नदी की पुलिया पर 8 से 10 फीट पानी चल रहा है निचले इलाकों की हालत खराब है , वहीं बारां जिले के नाहरगढ़ में बना वर्षो पुराना नाहरगढ़ का लाल किले की लगभग 40 फीट दीवार धाराशाही हो गई है। जो कि छोटे तालाब के किनारे की तरफ की यह दीवार वर्षो से खड़ी इतिहास की गवाही दे रही थी।जो दीवार लगभग 40 फीट की टूटी है
जिसकी ऊंचाई लगभग 20 फिट है हालांकि इससे जान माल की कोई हानि नहीं हुई है। वहीं बारां जिले के शाहाबाद में 1850 लोगों का रेस्क्यु किया गया है। बारां जिला कलेक्टर राजेन्द्र विजय ने बताया कि शाहाबाद क्षेत्र में रेस्क्यु कर 1850 लोगों को विधालयों, सरकारी भवनों आदि सुरक्षित स्थानो पर रखा गया है। जिनके भोजन सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है।
हालांकि की यह लोग कहीं फंसे हुये नही थे लेकिन इनमें कई लोगों के मकानो में पानी भरा गया था तो कई लोगों के मकान ढह गए थे। साथ ही बारां जिले में लगातार कई इलाकों में हल्की व रिमझिम बारिश का दौर जारी है तो कई जगह पर नदी, नालों में पानी का उतार भी देखा गया है ।
वहीं जिले में राहत की खबर यह की भारी जान माल की हानि की खबर नहीं है। साथ ही बारां जिला प्रशासन द्वारा पूरे हालातों पर नजर बनाई हुई है व पीड़ित लोगों को समय रहते हर तरह की राहत पहुंचाई जा रही है।वहीं जिले में एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात की हुई।साथ ही बारां जिलेवासीयों पर जब अतिवृष्टि कहर ढ़ाह रही है तो बारां के दिग्गज नेता, खान गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया, बारां विधायक पानाचन्द मेघवाल, शाहाबाद विधायक निर्मला सहरीया पीड़ित आमजन से दूरी बनाये हुये है ना ही किसी इलाके में हालातों का जायजा लेने के लिए पहुंचना भी मुनासीफ नहीं समझा है।
बारां से बृजेश कलवार की रिपोर्ट।




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