जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट

कलावृत्त संस्था की और से अपने संस्थापक डॉ. महेन्द्र कुमार शर्मा "सुमहेन्द्र" की 8वीं पुण्यतिथि पर आयोजित प्रदर्शनी का रविवार को समापन हुआ। कलावृत्त के अध्यक्ष संदीप सुमहेन्द्र ने बताया कि संस्था के कार्यक्षेत्र एवं योजनाओं का थोड़ा और विस्तार करते हुए संचालित किया जा रहा है। 2015 से अब तक 3 वर्कशॉप मूर्तिकला,चित्रकला एवं एक कला गोष्टी एवं पारंपरिक कला पर एक 8 दिवसीय ऑनलाइन वर्कशॉप की, जिसमे देशभर से 140 कलाकारों ने भाग लिया, इस वर्कशॉप में विजेताओं को राज्य के वरिष्ठ कलगुरुओं के नाम का सम्मान -पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किये गये। इस अवसर पर शैल चोयल, अखिलेश निगम एवं प्रो भवानी शंकर शर्मा द्धारा प्रदर्शनी के उद्देश्य एवं परिकल्पना पर बोलते हुये अपने विचार वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत किये।उन्होंने बताया कि इस ऑनलाइन प्रदर्शनी के लिए मुख्य रूप से हमारा उद्देश्य यही है कि संस्थापक डॉ. सुमहेन्द्र के समकालीन उनके मित्र चित्रकारों,मूर्तिकारों के सृजन को उन कलाकारों ने सुमहेन्द्र जी के साथ बिताए समय के यादगार संस्मरणों के साथ कला जगत को जानकारी दे सके। उनके समय मे विद्यार्थी रहे बहुत से कलाकारों ने अपनी इन संस्मरणों को पढ़कर अपनी यादें ताजा की।उन्होंने बताया कि सुमहेन्द्र जी के साथी कलाकारों को प्रदर्शनी के माध्यम से एक साथ एक छत के नीचे ला सका यह बहुत ही सुखद अनुभूति और सौभाग्य है कि सभी के सहयोग से सफलतापूर्वक प्रदर्शनी आयोजित हो सकी। प्रदर्शनी में कलागुरु राम जैसवाल, दीपिका हाजरा-अजमेर, अखिलेश निगम-लखनऊ, शैल चोयल, सुरजीत चोयल -उदयपुर, प्रेम सिंह- दिल्ली, जयपुर के हिम्मत शाह, आर.बी. गौतम, भवानी शंकर शर्मा, समंदर सिंह खंगारोत-सागर, हरिदत्त कल्ला, राजेन्द्र शर्मा, रेखा भटनागर, वीरेंद्र पाटनी, भगवान दास रूपानी, रमेश ग्रामीण मुम्बई, अशोक हाजरा-बंगाल, गोपाल किरोड़ीवाल-अमृतसर, जगदीप गरचा-पटियाला आदि कलाकार मौजूद रहे।कलावृत्त के सचिव देवेन्द्र सिंह बैस ने संस्था के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि अगली कार्यशाला पारंपरिक चित्रण पर राज्य के चयनित चित्रकारों के साथ की जाएगी जिसमें लगभग 20 श्रेष्ठ चित्रकार होंगे।