बारां से बृजेश कालवार
बारां शहर के प्रमुख व्यापारी के गोद लिए बेटे व बहू ने गंभीर आरोप लगाए हैं।व्यापारी की पुत्रवधू अंजली खण्डेलवाल ने बताया कि उसके ससुर के द्वारा रविवार को धक्के देकर घर से बाहर निकालने का प्रयास किया गया। वहीं इसी दौरान रात्रि को व्यापारी ससुर के द्वारा अपनी दोनों पुत्रियों व दामादों को बुलाकर उन सबने मिलकर घर से घसीटकर बाहर निकाल दिया व मकान के ताला जड़ दिया जब से पति पत्नी बहार बैठे हैं।पुत्रवधू अंजलि ने बताया की कई बार ससुर के द्वारा उसके साथ गंदी हरकतें भी की गई। उसने कहा की तकरीबन 7-8 वर्ष पूर्व उसके पति को गोद लिया था जो कि व्यापारी ससुर के छोटे भाई का लड़का है।गोद लेने के बाद मेरी इनसे शादी करा दी गई।पुत्रवधु अंजलि और गोद लिए बेटे के एक संतान के रूप में लड़की है। जहां पर यह व्यापारी के साथ मकान में रह रहे थे कि रविवार को व्यापारी ने अपने दोनों पुत्री और दामाद को बुलाकर गोद लिए बेटे और बहू को बाहर निकालने दिया गया।व्यापारी के गोद लिए बेटे ने बताया कि हम पहले अपने हिसाब से सेट हो गये थे।इन्होंने हमें यहां कोरोनाकाल के दौरान अपनी देखभाल के लिए बुला लिया और उसी दौरान व्यापारी की पत्नी की मौत हो गई।कोरोनाकाल में हमने इनकी बहुत देखभाल की थी लेकिन अब यह लोग हमें प्रताड़ित करके घर से बाहर निकालना चाहते हैं।इसके लिए हमने बारां कोतवाली थाना, महिला थाना, व बारां जिला पुलिस अधीक्षक से न्याय की फरियाद के लिए परिवाद सौंपा है।वहीं बारां के नामी व्यापारी का कहना है कि मैंने व मेरी पत्नी ने इनको सेवा के लिए बुलाया था।जब से यह और उसकी पत्नी मेरे घर ही रह रहे थे मैं उनका खर्चा वहन कर रहा था। कल रात को इस लडकी ने अपने सभी परिजनों को मेरे घर बुलाया व इसके सभी परिजनों ने मुझे धक्का देकर बाहर निकाल दिया जबसे मैं धर्मशाला में रह रहा हूं मेरे मकान पर कब्जा कर लिया और मकान का ताला लगा दिया पूरी बारां जानती है कि मेरे कोई बेटा नहीं है मेरे दो पुत्रियां हैं मैंने इसकी परवरिश की है और शादी करवा दी थी, मेरा कोई गोदनामा नहीं है जब हमारे मनमुठाव हो गया था तो इसने इसकी सहमति से गोदनामा फाड़ कर फेंक दिया था।


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