जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट
एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-एक मे एसीबी ने बीवीजी कंपनी के निगम पर बकाया 276 करोड़ रुपये के भुगतान के बदले बीस करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में ग्रेटर निगम की निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर के पति राजाराम गुर्जर और बीवीजी कंपनी के प्रतिनिधि ओमकार सप्रे के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया है। जिसमें भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं। जबकि संदीप चौधरी व निंबाराम सहित अन्य के खिलाफ धारा 173(8) में जांच लंबित रखी है।
दरअसल एसीबी ने 2860 पेज के चालान में कहा कि बीवीजी कंपनी का नगर निगम पर 276 करोड़ रुपये बकाया था। बकाया राशि के भुगतान के लिए बीवीजी कंपनी के प्रतिनिधि ओमकार सप्रे, निलंबित मेयर सौम्या के पति राजाराम गुर्जर के बीच में बातचीत हुई।इस दौरान निंबाराम की भी मौजूदगी रही। बातचीत में बकाया भुगतान के बदले बीस करोड़ रुपये की रिश्वत की बात की गई। इस पर एसीबी ने मामले की जांच की और राजाराम गुर्जर, बीवीजी कंपनी के प्रतिनिधि ओमकार सप्रे, संदीप चौधरी और निंबाराम के खिलाफ पीसी एक्ट की धारा 7 व 8 व आईपीसी की धारा 120 के तहत मामला दर्ज किया।वहीं एसीबी ने संबंधित वीडियो में मौजूद राजाराम व निंबाराम की पहचान के लिए उसे जयपुर एफएसएल में भिजवाया था और एफएसएल में भी इसकी पुष्टि हुई है। आरोप पत्र में कहा गया कि सौम्या गुर्जर अपने पद के कर्तव्यों से संबंधित बात पति राजाराम को बताती थी और उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी है। बतादे एसीबी ने राजाराम गुर्जर और ओमकार सप्रे को 29 जून को गिरफ्तार किया था। जबकि मामले में दो अन्य आरोपी निंबाराम व संदीप चौधरी की गिरफ्तारी बाकी है।


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