राजस्थान प्रदेश की राजधानी जयपुर सहित प्रदेश भर में सूर्य देव के तीखे तेवर के चलते आमजन को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। ज्यादातर शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के आस-पास ही दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग का मानना है कि 29 अगस्त यानी की रविवार से एक बार फिर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल सकता है। पूर्वी राजस्थान के जिलों में बारिश में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

दरअसल राजधानी जयपुर सहित प्रदेश भर में मौसम अपना मिजाज बार-बार बदल रहा है। ज्यादातर शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया जा रहा है। सर्वाधिक तापमान गंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर और पाली में दर्ज किया जा रहा है। वहीं सबसे कम तापमान उदयपुर में 30 डिग्री दर्ज किया गया है।राजधानी जयपुर में भी दिन का तापमान 35 डिग्री को पार कर गया है, जिससे आमजन का हाल बेहाल है। रात का तापमान भी ज्यादातर शहरों में मिला-जुला ही दर्ज किया जा रहा है।मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा की मानें तो वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल से लगने वाले क्षेत्र के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से आगामी 24 घंटे के दौरान एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। 29 और 30 अगस्त को उदयपुर, कोटा व भरतपुर संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। 31 अगस्त से पूर्वी राजस्थान के जयपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर से भरतपुर संभाग सहित ज्यादातर भागों में बारिश में बढ़ोतरी हो सकती है। बारिश का यह सिलसिला सितंबर महीने के पहले सप्ताह में भी सक्रिय बने रहने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग के जिलों में 1 से 4 सितंबर के दौरान एक दर्जन के साथ कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना जताई है।

पश्चिमी राजस्थान में अकाल जैसे हालात

मौसम विभाग के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों को देखा जाए तो प्रदेश में सबसे कम बारिश पश्चिमी राजस्थान में दर्ज की गई है।पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में सूखे के हालात भी हैं।आगामी दिनों में भी पश्चिमी राजस्थान में मानसून की गतिविधियों में बढ़ोतरी रहने को लेकर मौसम विभाग की ओर से कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। विभाग का मानना है कि आगामी दिनों में भी पूर्वी राजस्थान के जिलों में ही अच्छी बारिश दर्ज की जाएगी।