आहूजा ने कहा कि देश का मुसलमान 5 से 25 वाली गणित को ध्यान में रखकर जनसंख्या बढ़ा रहा है। उनकी सोच देश का विभाजन कर एक बार फिर नया इस्लामिक देश बनाने की है। पहले वह ताकत के बल पर देश में आए थे। अब वह लोकतांत्रिक बल पर वजूद बनाने में जुटे हैं। आहूजा ने कहा कि देश में सनातन धर्मावलंबियों की संख्या कम हो रही है। इससे जनसंख्या संतुलन बिगड़ रहा है।
जनसंख्या बढ़ने से बढ़ रही समस्याएं
आजूजा ने कहा, जनसंख्या बढ़ने से देश में बेरोजगारी, ट्रांसपोर्ट, स्कूल, कॉलेज, चिकित्सा, बिजली, पानी जैसे संशाधनों की किल्लत बढ़ रही है। उनकी संस्था प्रदेश के सभी 33 जिलों में जनसंख्या रोकथाम को लेकर कार्यशालाएं आयोजित कर रही है। यहां लोगों से उनके विचार लिए जा रहे हैं। इस दौरान लोगों को जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। फाउंडेशन की ओर से सभी जिलों की यात्रा के बाद जयपुर में महापड़ाव डाला जाएगा। इसके बाद विषय को लेकर फाउंडेशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेगा। साथ ही जनसंख्या नियंत्रण कानून को लागू करने की मांग करेगा। कार्यशाला को फाउंडेशन अध्यक्ष नारायणलाल चौधरी ने भी संबोधित किया। इस मौके पर बांसवाड़ा से करीब 300 लोगों ने कार्यशाला में हिस्सा लिया।
वाेटिंग का अधिकार छीना जाए
पूर्व विधायक आहूजा ने कहा कि उनके फाउंडेशन के प्रयास रहेंगे कि जनसंख्या नियंत्रण कानून जल्द ही लागू हो। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को ऐसे प्रस्ताव बनाने चाहिए कि दो से अधिक बच्चों वाले परिवार का वोट स अधिकार छीन लेना चाहिए। ताकि ऐसे परिवार को निशुल्क मिलने वाली राशन सुविधा खत्म हो गए। सरकारी योजनाओं से वह परिवार बाहर हो जाए। वोट नहीं डालने वाले अधिकार से ऐसा सख्स किसी तरह का चुनाव नहीं लड़ सकेगा। वहीं ऐसे कानून के लिए हर वर्ग, हर समाज खुद ही जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि हमारी बैठक में विचारों को लेकर समर्थन मिल रहा है। भाजपा और कांग्रेस से कोई फर्क नहीं पड़ता है। वह किसी पार्टी विशेष को लेकर नहीं चल रहे हैं। बल्कि राष्ट्रवाद और देशहित के मुद्दों को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।


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