उदयपुर की डीएसटी की टीम ने बुधवार को एक फर्जी कॉल सेंटर पकडा। जंहा से पुलिस ने करीब दो दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाए भी शामिल है। कॉल सेंटर पर कार्य करने वाले लोग लोन और लॉटरी के नाम लोगों से ठगी करते थे और मोटी राशि वसूलते थे।

डीएसटी प्रभारी डॉ. हनुवंत सिंह राजपुरोहित ने बताया कि उदयपुर शहर के समीप लोयरा में होटल रणबंका में छापेमारी कर मास्टरमांइड सहित दो महिलाओं ओर 20 लोगो को गिरफ्तार किया है। इस होटल से बैठे - बैठे युवक और युवतिया विदेशियों को ठगी का शिकार बना रहे है। जिनकों पुलिस ने गिरफ्तार किया है उनमें से अधिकांश गुजरात के रहने वाले है। उन्होने बताया कि मुखबीर के जरिये सूचना मिली थी कि होटल रणबंका में फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है। इस पर डिप्टी महेन्द्र पारीक, डीएसटी की टीम और  अम्बामाता थाना प्रभारी सुनील टेलर जाब्ते के साथ मौके पर पंहुचे और इस कार्यवाही को अंजाम दिया है। 

सेंटर के संचालक निशिद मेहता को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जब दबिश दी तब कॉल सेंटर पर बैठे युवक - युवतिया विदेशियों को कॉल कर ठग रहे थे। टीम ने मौके से दो दर्जन से ज्यादा लेपटॉप, कम्प्युटर प्रिंटर और मोबाइल फोन जब्त किये है।

 पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ में जुट गयी है। माना जा रहा है कि पूरी तफ्तीश के बाद सामने आएगा कि ठगों ने कितने लोगों को कॉल सेंटर के माध्यम से लोन का लालच देकर अपना शिकार बनाया है। अब तक स्पष्ट रूप से यह भी सामने नहीं आया है कि कितने लोगों को कितने रूपयों की चपत इस गिरोह ने लगाई है लेकिन पुलिस का मानना है कि कॉल सेंटर में जिस तरह से कार्य चल रहा था उससे तो लगता है कि हजारों लोग अब तक ठगी का शिकार हो चुके है।


उदयपुर से भगवान प्रजापत की रिपोर्ट,