पुरुष नसबंदी के बावजूद पांचवीं संतान पैदा होने पर जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग ने चिकित्सा विभाग को क्षतिपूर्ति राशि देने के आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग ने चिकित्सा विभाग द्वारा आयोजित नसबंदी शिविर में करवाया गया था। पुरूष नसबंदी ऑपरेशन असफल होने पर पीड़ित को चिकित्सा विभाग द्वारा क्षतिपूर्ति राशि देने का आदेश दिए है।

मामले के अनुसार नागौर तहसील के एक गांव निवासी रामलाल (काल्पनिक नाम) ने आयोग के समक्ष सीएमएचओ नागौर व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध परिवाद प्रस्तुत किया था। परिवाद में बताया कि गांव की आशा सहयोगिनी व चिकित्सक द्वारा प्रेरित करने पर भास्कर हॉस्पिटल नागौर में 13 अगस्त 2010 को आयोजित सरकारी नसबंदी शिविर में ऑपरेशन कराया था। मगर उसकी पत्नी के गर्भवती होने पर सरकारी अस्पताल नागौर में अप्रैल 2018 में जांच करवाने पर उसका आॅपरेशन फेल होना पाया गया, जिस कारण उसके पांचवीं पुत्री संतान ने जन्म लिया।