प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में यह सप्ताह एक अहम कड़ी साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में किसी भी पल मंत्रिमंडल विस्तार का ऐलान हो सकता है। संभावना ये जताई जा रही है कि बुधवार और गुरुवार इन दोनों दिनों में इसकी घोषणा हो सकती है। पंजाब, असम और उत्तराखंड में अहम निर्णय लेने के बाद कांग्रेस आलाकमान राजस्थान में भी चौकानेवाले निर्णय ले सकता है।
संभावना ये जताई जा रही है कि अबकी बार जो मंत्रिमंडल होगा उसका नया ही स्वरूप होगा। रविवार को कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजय माकन की ओर से दिए गए बयान सामने आने के बाद प्रदेश कांग्रेस की राजनीति गरमा गई है। विधायकों से रायशुमारी करने का ऐलान किए जाने के बाद सियासी चर्चा जोरों पर है। अंदर खाने से मिली खबर के अनुसार पहले मंत्रिमंडल विस्तार होगा और उसके बाद संगठन विस्तार पर फोकस किया जाएगा। तीसरे नंबर पर राजनीतिक नियुक्तियां होगी।
राजनीतिक नियुक्तियों में विधायकों के बजाय संगठन को तवज्जो दी जाएगी। विधायकों से रायशुमारी करने के लिए सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी को तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। पार्टी के नेताओं का यह आकलन है कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विधायकों की नाराजगी दूर करने के लिए उनकी राय के आधार पर जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष बनाए जाएंगे और शायद यही वजह है कि राजनीतिक नियुक्तियां सबसे बाद ही होगी। आपको बता दें कि पिछले डेढ़ साल से प्रदेश कांग्रेस में सियासत को लेकर घमासान की स्थिति चल रही है। सभी लोग अपनी महत्वाकांक्षाओं को अभी तक दबा कर बैठे हैं और अब सबकी नजर आलाकमान के निर्णय पर है कि वहां से क्या फैसला आता है। यह बात तो तय है कि निर्णय जो भी हो विरोध के स्वर जरूर मुखर होंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट।



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