श्रीगंगानगर से राकेश मितवा की खबर।
श्रीगंगानगर की नगर परिषद में आज हुए एक अभूतपूर्व घटनाक्रम में नगर परिषद के 44 से अधिक पार्षदों ने पार्षद विजेंद्र स्वामी व पूर्व पार्षद पवन गोड के खिलाफ एक बैठक आयोजित कर मीडिया के सामने इन्हें आदतन शिकायती बताते हुए मुख्यमंत्री से मांग की गई कि नगर परिषद बोर्ड को इनकी शिकायतों से मुक्त किया जाए। नगर परिषद बोर्ड के 44 पार्षदों के साइन युक्त एक शिकायती पत्र मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम भेजा गया है। जिसमें स्वायत्त शासन मंत्री, डीएलबी डायरेक्टर जयपुर तथा जिला कलेक्टर गंगानगर को भी इसकी प्रति भेजी गई है ।
पार्षदों ने शिकायत में बताया कि भाजपा प्रत्याशी बबीता गौड़ के सभापति का चुनाव हारने के बाद उसके पति पवन गॉड लगातार झूठी शिकायतें करके ,नगर परिषद के अधिकारियों को व्हाट्सएप पर मैसेज भेज कर ब्लैकमेल करते हैं । आरोप लगाया गया कि पवन गॉड व विजेंद्र स्वामी दोनों एक साथ रहते हैं तथा शहर के विकास के लिए होने वाले टेंडरों में शिकायतें करके उन्हें जानबूझकर निरस्त करवाते हैं। इस कारण नगरपरिषद शहर में किसी भी प्रकार से विकास कार्य नहीं करवा रही है। बैठक में नगर परिषद के पार्षद, महिला पार्षदों के पति, और उनके सगे संबंधी रिश्तेदार आदि सभी मौजूद रहे और सभी ने अपने संबंधित पार्षदों के बिहाफ़ पर अपनी शिकायत इन दोनों के खिलाफ कही।
गौरतलब है कि नगर परिषद में श्री गंगानगर के कुल 65 पार्षद हैं जिनमें कांग्रेस के 19 भाजपा के 24 व निर्दलीय 22 पार्षद हैं ।निर्दलीयों की मदद से श्रीगंगानगर नगर परिषद कांग्रेसका बोर्ड बना2र है मगर पार्षद इस बात पर अफसोस जताते हैं कि जब जब यह दोनों पार्षद और पार्षद पति शिकायत करते हैं तो डीएलबी में बैठे अधिकारी तुरंत इनकी शिकायत पर अमल करके नोटिस भेज देते हैं पार्षदों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि किसी ईमानदार अधिकारी से आज तक की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच करवाई जाए पार्षदों ने वर्तमान पार्षद आयुक्त को क्लीन चिट देते हुए बताया कि आयुक्त सचिन यादव नए हैं और वे अभी तक पास दो से मिल नहीं पाए हैं इसलिए उन्हें बेईमान कहना गलत होगा ।
प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद पार्षद पति सुरेंद्र स्वामी महेंद्र बागड़ी पार्षद बंटी बाल्मीकि ओम प्रकाश मित्तल आदि ने बताया कि सभापति करुणा चांडक परिवार शहर के विकास के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं मगर पूर्व पार्षद पवन गौड पार्षद विजेंद्र स्वामी की शिकायतों के चलते कार्य बीच में ही रुक रहे हैं पिछले ही दिनों 22 वर्णों के टेंडर निरस्त होने के कारण इन 22 पार्षदों में काफी रोष पैदा हो गया है टेंडर निरस्त होने को लेकर आयुक्त से मिला गया तो उन्होंने बताया कि अगर कोई बोर्ड का पार्षद शिकायत करता है तो उन्हें टेंडर निरस्त करने पड़ते हैं बैठक में भाजपा के पूर्व पार्षद मनीराम स्वामी ने कहा कि शहर में सफाई कर्मियों की वार्ड में समान संख्या में वितरण नहीं है ऐसे में सफाई कार्य काफी प्रभावित हो रहा है वहीं कांग्रेस की पार्षद कमला बिश्नोई ने कहा कि इस प्रकार की बैठक बुलाने का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि एक बाहरी व्यक्ति शिकायत करता है वही सिर्फ एक पार्षद को लेकर इस प्रकार की बैठक करने से सभी पार्षदों की कमजोरी नजर आती है बैठक में पार्षदों की ओर से बोलते हुए कामरेड महेंद्र बागड़ी ने कहा कि इन विधायक राजकुमार गौड़ का हाथ है बाद में 44 पार्षदों के मोहर सहित साईं नियुक्त एक शिकायती पत्र मुख्यमंत्री के नाम जारी किया गया जिसे बाद में मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा बैठक में पार्षदों ने यह भी कहा कि अगर इस पर तुरंत अमल नहीं किया गया तो वे 31 जुलाई को बीकानेर में जाकर इस बाबत सक्षम अधिकारियों से शिकायत दर्ज करवाएंगे।
इधर इस मामले को लेकर पूर्व सभापति अजय चांडक का कहना है कि इन दोनों व्यक्तियों की शिकायतों की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच कर सच को बाहर लाना चाहिए।
वही आरोपी पूर्व पार्षद पवन गौड़ व पार्षद विजेंद्र स्वामी का कहना है कि कोई भी लोक कल्याणकारी सरकार हमेशा भ्रष्टाचार से मुक्त प्रशासन को रखने की बात कहती है और हम भी नगर परिषद प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने का काम कर रहे हैं । अगर हमारी शिकायतें गलत होती तो डीएलबी उन पर एक्शन क्यों लेता, हम नगर परिषद में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करते रहेंगे।




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