कोरोना संक्रमण की तेजी से फैली दूसरी लहर ने जहां पूरे देश में अपना कहर बरपाया और कई लोगों ने अपनों को खोया लेकिन अब लगातार राज्य में कोरोना संक्रमण के मामलों में आ रही गिरावट के बाद राज्य सरकार द्वारा लगातार पूर्व की भांति सभी गतिविधियों को शुरू करने के लिए समय-समय पर गाइडलाइन जारी की जा रही है जहां राज्य सरकार द्वारा 26 जून को जारी की गई गाइडलाइंस में राज्य में धार्मिक स्थलों को खोलने की छूट प्रदान की गई थी जिसके अंतर्गत जिला प्रशासन एवं जीण माता मंदिर कमेटी द्वारा आज से मंदिर खोलने का निर्णय किया गया है, 


जहां 13 अप्रैल को गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन के चलते मंदिर बंद हुआ था वह आज एक बार दर्शनार्थियों के दर्शन करने हेतु वापस खोल दिया गया है जहां वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट एवम 72 घंटे तक पुरानी कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट की जांच करने के बाद ही मंदिर प्रशासन द्वारा दर्शनार्थियों को माता के दर्शन करवाए जा रहे हैं और साथ ही मंदिर परिसर में कोरोना गाइडलाइंस का भी सख्ती से पालन करवाया जा रहा है। मंदिर खुलने के साथ ही माता के भक्तों के चेहरों पर एक बार फिर रौनक लौटने लगी है


 जहां आज सुबह से ही बाहरी क्षेत्रों से भी दर्शन करने के लिए लोग आ रहे हैं। फिलहाल मंदिर परिसर में घंटी बजाने एवं फूल माला आदि का उपयोग करने पर रोक लगाई गई है जिसके चलते मंदिर परिसर में दुकानो को संचालित करने वाले दुकानदार निराश है क्योंकि पिछले 2 वर्ष से कोरोना के चलते मंदिर में फूल माला आदि का उपयोग नहीं किया जा रहा है जिसकी वजह से अब उनके रोजी-रोटी पर संकट आ रहा है जिसके चलते वह मांग कर रहे हैं कि मंदिर में फूल माला आदि के उपयोग को भी वापस शुरू किया जाए जिससे उनकी आर्थिक स्थिति वापस सही हो सके।


इस दौरान जानकारी देते हुए मंदिर कमेटी के भवानी शर्मा ने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा कोरोना संक्रमण की तेजी से फैली दूसरी लहर की वजह से 13 अप्रैल से सभी धार्मिक स्थल बंद किए गए थे लेकिन अब लगातार कोरोना संक्रमण के मामलों में आ रही गिरावट के बाद मंदिर कमेटी एवं जिला प्रशासन की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आज 3 जुलाई से मंदिर खोला जाए जिस क्रम में आज से भक्तों के दर्शन हेतु मंदिर को खोल दिया गया है लेकिन मंदिर में प्रसाद, फूल माला आदि चढ़ाने एवम घंटी बजाने आदि पर रोक है और दर्शन करने के लिए जो लोग आ रहे हैं उनका वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट या 72 घंटे पुरानी नेगेटिव कोरोना रिपोर्ट की जांच करने के बाद ही उन्हें दर्शन करवाए जा रहे हैं और साथ ही मंदिर परिसर में कोरोना गाइडलाइंस का भी सख्ती से पालन करवाया जा रहा है।


वही मंदिर में जयपुर से दर्शन करने आए दर्शनार्थी ने बताया कि आज काफी दिनों बाद माता के दर्शन करने पर बहुत अच्छा लगा और साथ ही यहां मंदिर में पुजारी एवं सुरक्षा गार्डों द्वारा भी कोरोना गाइडलाइंस का अच्छे से पालन करवाया जा रहा है।


इस दौरान जानकारी देते हुए मंदिर परिसर क्षेत्र में प्रसाद, फूल माला आदि की दुकान चलाने वाले ने बताया कि जिला प्रशासन एवं मंदिर कमेटी द्वारा मंदिर को खोलने का तो निर्णय किया गया है लेकिन फिलहाल फूल माला प्रसाद आदि के उपयोग पर रोक लगाई गई है तो ऐसे में हमारी यही मांग है कि इन्हें भी शुरू किया जाए क्योंकि पिछले 2 साल से कोरोना काल के चलते मंदिर में फूल माला प्रसाद आदि का उपयोग नहीं आ रहा है जिसकी वजह से हमारी रोजी-रोटी पर भी संकट पड़ रहा है और हमारा घर चलाना भी मुश्किल हो रहा है।

सीकर से सुरेंद्र माथुर की रिपोर्ट।