उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल में करीब दो माह पूर्व शुरू हुई डिजिटल पार्किंग ठेके को आखिरकार निरस्त कर दिया गया है। शहर में भारी जनविरोध को देखते हुए एमबी अस्पताल प्रशासन ने डिजिटल पार्किंग को निरस्त करने का निर्णय लिया है। बता दें कि एमबी अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल परिसर में पार्किंग का जिम्मा खनन इंफोसिस को दिया था। खनक इंफोसिस द्वारा डिजिटल पार्किंग के नाम पर मनमाना शुल्क वसूले जाने की वजह से शहरभर में इसका विरोध हो गया था। पार्किंग को बीच में कई बार चालू किया गया लेकिन विरोध चलते एमबी अस्पताल प्रशासन को झूकना पडा और आखिरकार डिजिटल पार्किंग व्यवस्था को वापस लेना पडा है। एमबी अस्पताल प्रशासन ने करीब दो माह पूर्व अस्पताल परिसर में वाहनों की सुव्यस्थित पार्किंग के लिए ठेके किए थे।
इस बार किया पार्किंग ठेका हमेशा से हो रहे ठेकों से अलग था। एमबी अस्पताल प्रशासन ने इस बार खनन इंफोसिस नामक फर्म को डिजिटल व इंलेक्ट्राॅनिक फर्म के नाम पर पार्किंग ठेका दिया था। डिजिटल पार्किंग व्यवस्था के तहत खनक इंफोसिस ने अस्पताल के सभी प्रवेश द्वारा पर नाके लगा दिए थे और अस्पताल की सीमा में मात्र प्रवेश करने पर ही पार्किंग वसूले जाने लगी थी। साथ ही पार्किंग शुल्क भी मनमाना वसूला जा रहा था। पार्किंग बमुश्किल चार दिन भी नहीं चली और इसका शहरभर में जोरदार विरोध हो गया। भाजपा सहित कांग्रेस के नेता इसके विरोध में उतर गए। साथ ही शहर के कई संगठनों ने अस्पताल में पार्किंग की इस नई व्यवस्था का विरोध किया। इसी बीच कुछ वकीलों ने डिजिटल पार्किंग को कोर्ट में भी चुनौती दे डाली। विरोध के चलते अस्पताल प्रशासन द्वारा पार्किंग के हल्के बदलाव करके डिजिटल पार्किंग को फिर से शुरू किया,
लेकिन इसका विरोध लगातार होता रहा। पार्किंग के शुरू होते ही लोग विरोध करने पहुंच जाते। विरोध ओर बार बार के गतिरोध को देखते हुए आखिरकार एमबी अस्पताल प्रशासन ने इस डिजिटल पार्किंग व्यवस्था को निरस्त करने का निर्णय लिया है। एमबी अस्पताल की क्रय समिति की बैठक में पार्किंग ठेका निरस्त करने के निर्णय के बाद अस्पताल अधीक्षक डाॅ. आरएल सुमन ने इसे निरस्त कर दिया है।
एमबी अस्पताल के अधीक्षक का साफ कहना है कि जनविरोध के चलते डिजिटल पार्किंग को निरस्त कर दिया गया है। और अब अस्पताल प्रशासन नए टेंडर करेगा। जब राजकाज न्यूज संवाददाता ने अस्पताल अधीक्षक डाॅ. सुमन से पूछा कि नए टेंडर नहीं होने तक क्या व्यवस्था रहेगी तो उनका यही कहना रहा कि अस्पताल के गार्ड ही नए टैंडर होने तक व्यवस्था संभालेंगे। बहरहाल विरोध के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा जनहित में लिए गए निर्णय का कई संगठनों और आम लोगों ने स्वागत किया है, साथ ही उम्मीद जताई कि नया पार्किंग ठेका आम जन सुविधा और बजट को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।
उदयपुर से भगवान प्रजापत की रिपोर्ट,



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