सेंट्रल जीएसटी विभाग ने छह माह बाद एक बार फिर जीएसटी चोरी के बड़े मामले से पर्दा उठाया है। पंजाब के व्यापारी की ओर से जोधपुर के बाद उदयपुर में कारोबार करते हुए जीएसटी चोरी करना सामने आया है। ..
व्यापारी से शनिवार रात तक गहन पूछताछ चलती रही। रविवार को व्यापारी की गिरफ्तारी की । सेंट्रल जीएसटी विभाग की ओर से पकड़े गए मामले में सामने आया कि पंजाब का व्यापारी कबाड़ संबंधी व्यवसाय में नियमानुसार जीएसटी जमा नहीं कराकर सरकार को करोड़ों रुपए की चपत लगा चुका है। जनवरी से जुलाई तक सात माह के दरमियान व्यापारी ने करीब एक हजार ट्रक कबाड़ से भरकर उदयपुर से पंजाब तक पहुंचा दी, लेकिन उसको कहीं कागजों में दर्ज नहीं होने दिया। एक ट्रक पर एक लाख की जीएसटी लगती है। पाया गया कि उदयपुर से प्रतिदिन 10 ट्रकें निकल रही थी। जनवरी से अब तक करीब 900 ट्रकें निकाली गई, जिससे करीब 7-8 करोड़ की जीएसटी चोरी उदयपुर से की गई।..
इसके अलावा व्यापारी का कामकाज जोधपुर में भी रहा है। ऐसे में 12 करोड़ से ज्यादा का हिसाब होने की आशंका जताई गई है। व्यापारी ने जीएसटी चोरी करने के लिए नया तरीका अपनाते हुए फर्म की ओर से नील इनकम टैक्स फाइल किया, लेकिन व्यापार का ई-वे बिल नहीं बनाया। जिससे विभाग के सामने यह साबित होता रहा कि फर्म नियमानुसार टैक्स दे रही है, लेकिन कोरोना के कारण काम ठप पड़ा होने से टैक्स नहीं बन रहा है। इस तरह की टैक्स चोरी का यह देश में संभवतया पहला मामला बताया जा रहा है।
.उदयपुर से भगवान प्रजापत की रिपोर्ट,



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