कोटा, नवजातों की मौत के बाद सुर्खियों में रहे जेके लोन अस्पताल में चूहों का आतंक अब सिर चढ़ कर बोल रहा है। चूहे पीआईसीयू, वार्ड में घूमते रहते हैं। चूहों ने अस्पताल परिसर में 30 से 40 बिल जगह-जगह बना रखे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने पहले भी काफी दावे अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के किए थे। लेकिन चूहों को रोकने के तमाम दावे धरे के धरे रह गए।


वेटिंग रूम में चूहों का आतंक

मरीजों के परिजनों के लिए बने वेटिंग रूम में भी चूहों का आंतक है। परिजन खाना तक आराम से नहीं खा पाते हैं बड़ी संख्या में चूहे डस्टबिन के आस-पास से होते हुए मरीजों के टिफिन तक भी पहुंच जाते हैं। सामान्यत वेटिंग रूम में लगी हुई वेटिंग बेंच के नीचे चूहे घूमते नजर आते हैं। कैथून निवासी रानी पिछले 22 दिनों से जेके लोन अस्पताल में भर्ती हैं। उनका उपचार एनआईसीयू में चल रहा है। 

लेकिन वो भी चूहों से काफी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि रात में चूहे सोने भी नहीं देते हैं। पीडियाट्रिक्स इंसेंटिव केयर यूनिट में गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाता है। 


इसके बावजूद भी यहां पर चूहे आराम से आ जाते हैं। पीआईसीयू के गार्ड महावीर का कहना है कि बड़े चूहों ने पीआईसीयू के नजदीक सीढ़ियों के नीचे और कुछ अन्य जगह भी बड़े-बड़े बिल बना रखे हैं। अस्पताल के अंडरग्राउंड नालियों में भी इन चूहों के आने जाने का रास्ता है।