ब्यूरो रिपोर्ट,  देश में कोरोना से मिल रही राहत के बीच अब ब्लैक फंगस महामारी तेजी से फैलती नजर आ रही है। महाराष्ट्र के विदर्भ में ब्लैक फंगस के एक मरीज ने अपने इलाज के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की रकम खर्च कर दी। 


इसके बावजूद चिकित्सक उसकी एक आंख नहीं बचा सके। यानी उसको जिंदगी भर के लिए अपनी एक आंख गवानी पड़ी। और यह सब हुआ खतरनाक महामारी ब्लैक फंगस के कारण। राजस्थान में भी तेजी से पांव पसार रही ब्लैक फंगस महामारी का इलाज दुस्तर हो रहा है।

 एक तो इंजेक्शन और दवाओं का टोटा दूसरे एक मरीज के इलाज में कम से कम 50000 का खर्चा। उसमें भी यदि ऑपरेशन हो तो खर्चा दुगुना। आपको बता दें कि ब्लैक फंगस महामारी के प्रदेश में अब तक ढाई हजार से भी ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं। 



अस्पतालों में ब्लैक फंगस मरीजों के 80% बेड भर चुके हैं। प्रदेश में पिछले महीने की 10 तारीख को ब्लैक फंगस के रोगी जहां 50 ही थे। वहीं अब यह बढ़कर 2516 हो गए हैं। इनमें से 127 रोगी तो पिछले 3 दिन के दौरान ही सामने आए हैं। आपको बता दें कि? प्ले सोंग्स! रोग को राज्य सरकार ने मई की  महीने की 19 तारीख को ही महामारी घोषित कर दिया था। सरकारी अस्पतालों में इसका इलाज निशुल्क है। लेकिन निजी अस्पतालों में ब्लैक फंगस का इलाज काफी महंगा साबित हो रहा है।