ब्यूरो रिपोर्ट। 

राजनीतिक गहमा-गहमी बेशक राजधानी जयपुर में हो लेकिन असल उठा-पटक तो आज सिरोही में चल रही है।  DGP एमएल लाठर के निर्देशन में जांच अधिकारी सिरोही पहुंचे और आते ही अपने काम में लग गए। विजिलेंस के DIG सत्येंद्र सिंह, SOG के DIG अमनदीप सिंह कपूर ने सिरोही पहुंचकर सर्किट हाउस में अपनी पूछताछ शुरू कर दी है।  दोनों ही जांच अधिकारीयों ने सर्किट हाउस में सिरोही पुलिस के अधिकारियों से बातचीत की और SP हिम्मत अभिलाष टाक की कार्यशैली का जायजा लिया। बीच बीच में मामले से समबन्धित  बुलाकर भी बातचीत की। अपेक्षा के अनुसार निलंबित कांस्टेबल देवेंद्र कुमार के बयान भी रिकॉर्ड पर लिए जायेंगे। इस जांच को लेकर पूरे सिरोही जिला पुलिस बेड़े में जबरदस्त हलचल मची हुई है। दोनों जांच अधिकारी लंच करने के बाद सिरोही पुलिस लाइन के लिए रवाना हुए।गौरतलब है कि पुलिस की तस्करों के सांठगांठ के ज्यादातर पुलिसकर्मी सिरोही पुलिस लाइन से ही हैं। इस प्रकरण में खास बात यह है कि पुलिस लाइन में ड्यूटी वाले कई कार्मिकों के फील्ड में लगे होने की शिकायतें भी सामने आई थी। 

पूरे प्रकरण में अभी तक विधायक संयम लोढ़ा का कोई बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है और यह भी तय है कि उनकी  मर्जी के बगैर इतनी उच्च स्तरीय जांच टीम वहां हो ही नहीं सकती।  इस पूरे मामले में एक बात रूटीन से हट कर है और वो है पूरे प्रकरण में ACB का कोई दखल ना होना।  इसके दो मतलब निकाले जा रहे हैं। पहला SP साहब तमाम ऐहतियात बरत कर अपना काम कर रहे थे सो ACB के राडार पर कुछ भी काम का नहीं आया और दूसरा जो गफलत भरतपुर DIG मामले में हुई थी वैसी किसी गफलत में पड़ने के मूड में सुपर बॉस नहीं थे।  लेकिन इस सब से इतर किसी उंचें संपर्क वाले ने सिर्फ सिरोही नहीं बल्कि टाक साहब के जालोर तक के कारनामों का कच्चा चिट्ठा  रखा है और सिरोही पहुंची जांच टीम को धीरे धीरे सब कुछ सौंप दिया जायेगा। आज तो जांच का पहला दिन ही था।  उम्मीद है शुक्रवार शाम तक बहुत से बोरी-बिस्तर बंधते दिख जायेंगे।  टाक साहब का तुरुप का इक्का अगर चलता तो CMO से DGP को इस जांच की हामी ही नहीं मिलती।