ब्यूरो रिपोर्ट।
धौलपूर जिले के सैपऊ उपखंड क्षेत्र के भदियाना गांव निवासी भारत तिब्बत सीमा पुलिस में तैनात जवान रतन सिंह ने गुरुवार को चंबल नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या की थी। शुक्रवार को मृतक के बैग में मिले सुसाइड नोट के बाद उक्त मामले में नया मोड़ आ गया है।मृतक के भाई नवाब सिंह व बने सिंह आदि के द्वारा बताया जा रहा है कि फौजी कलर के कपड़े के छोटे बैग में परिजनों को लाइन दार कागज में एक सुसाइड नोट लिखा हुआ मिला है जिसमें रतन सिंह के हस्ताक्षर हैं। सुसाइड नोट में आइटीबीपी के एसएम शिवकुमार तथा सीएचएम संजय पर जान से मारने की धमकी देने के अलावा गलत आरोप लगाने के कारण आत्महत्या करने का जिम्मेदार बताया है। मृतक के परिजनों ने सुसाइड नोट को मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को सौंपा है जिसके बाद कोतवाल नरेश पोसवाल की ओर से परिजनों से पूछताछ करते हुए मौके पर ही पर्चा रिपोर्ट तैयार की है तथा पूरे मामले को लेकर छानबीन करते हुए जांच शुरू कर दी है दरअसल धौलपुर के सैपऊ उपखंड क्षेत्र में स्थित भदियाना गांव निवासी रतन सिंह पुत्र गजराज गुर्जर भारत तिब्बत सीमा पुलिस में मध्य प्रदेश के शिवपुरी मैं तैनात था। जिसकी गुरुवार के दिन चंबल नदी में छलांग लगा देने के कारण जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई थी। परिजन इसे सुसाइड मानते हुए तहरीर देकर गये थे जिसके आधार पर कोतवाली पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मृतक रतन सिंह का शव परिजनों को सौंपा था। शुक्रवार को अचानक रतन सिंह की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। उक्त मामले में जहाँ कोतवाली पुलिस के जांच अधिकारी नरेश पोसवाल मामले की जांच करने गांव पहुंचे हैं वहीं भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के उच्च अधिकारी भी रतन सिंह के घर पर आये हैं,हालांकि अभी तक जांच अधिकारी और आईटीबीपी के किसी अफसर ने मामले में कोई जानकारी नहीं दी है, ऐसे में मामले की पुष्टि नहीं हो पा रही है मृतक जवान के पार्थिव शरीर के साथ पहुंची आइटीबीपी की टुकड़ी और धौलपुर पुलिस की ओर से राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया है इस दौरान अधिकारियों ने मृतक के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी गई।


0 टिप्पणियाँ