हनुमानगढ़ से विश्वाश कुमार की रिपोर्ट। 

हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस द्वारा बिना कागजात के पकड़ी गई बाईक को चोर गिरोह द्वारा चोरी की गई बाईक दिखाने और चोर गिरोह से बाईक बरामदगी दिखाने पर विवाद खड़ा हो गया है।

इस सबंध में बाईक मालिक जंक्शन निवासी व्यापारी देवेंद्र शाक्य ने आरोप लगाए की जंक्शन पुलिस ने 28 मई को उसके मुनीम से बाईक पकड़ी थी और ऑनलाइन कागजात दिखाने पर बाईक नहीं छोड़ी और मोबाईल भी रख लिया जिसके बाद 300 रुपये रिश्वत लेकर मोबाईल तो दे दिया गया जबकि बाईक को सीज करने का कह दिया गया और ना ही बाईक सीज करने या चालान काटने का कोई दस्तावेज दिया गया। इस पर व्यापारी ने 28 मई को ही इसकी शिकायत ऑनलाइन पोर्टल पर कर दी और उसको 11 जून को पता लगा कि जंक्शन पुलिस ने चोरी की 9 बाईक सहित चोर गिरोह के दो सदस्य पकड़े हैं जिसमें उसकी बाईक को भी चोरी हुई बाईक दिखा दिया जबकि उसने चोरी का कोई मुकदमा दर्ज नहीं करवाया बल्कि उसने 28 मई को ही इसी बाईक को पकड़े जाने की शिकायत दर्ज करवाई थी।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन का कहना है कि शिकायत पर जांच करवाई जा रही है और डीएसपी हनुमानगढ़ प्रशांत कौशिक मामले की जांच कर रहे हैं।