ब्यूरो रिपोर्ट। 

दिल्ली हाईकोर्ट ने राजस्थान फोन टैपिंग मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा को राहत दी है। जस्टिस सुरेश कैत की बेंच ने दिल्ली पुलिस को लोकेश शर्मा के खिलाफ अगले आदेश तक कोई कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है।  उक्त मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी। उल्लेखनीय है कि प्रार्थी लोकेश शर्मा ने बज़रिया अपने वकील कोर्ट से केंद्रीय जल शक्ति मंत्री द्वारा दिल्ली में दर्ज रिपोर्ट के क्षेत्राधिकार का मामला उठाते हुए मामले को राजस्थान ट्रांसफर करने की गुहार लगाई थी।  

हाई कोर्ट ने लोकेश शर्मा की याचिका पर नोटिस जारी किए और राजस्थान और दिल्ली पुलिस से दो सप्ताह में स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए। हाई कोर्ट ने गजेंद्र सिंह शेखावत को भी जवाब देने को कहा है। मामले की सुनवाई के दौरान शर्मा के वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि इस मामले की जांच जब राजस्थान में चल रही है तो दिल्ली में FIR दर्ज क्यों की ?  वकील ने दिल्ली पुलिस द्वारा इस मामले की जांच का विरोध किया। वहीं राजस्थान सरकार की तरफ से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि राजस्थान में एक BJP नेता द्वारा शिकायत दाखिल की गई थी,जिस पर जांच चल रही है। कोर्ट ने कहा- 'लोकेश शर्मा के पास जब क्लिप आती है',  'उस समय वो राजस्थान में होते है,वहां से क्लिप भेजते है',  'इसका मतलब ये है कि ज्यूरिडिक्शन राजस्थान का बनता है?'  गजेंद्र सिंह के वकील महेश जेठमलानी ने कोर्ट में इसका प्रतिवाद किया और कहा कि 'ऐसा नहीं है, दिल्ली में भी ज्यूरिडिक्शन बनता है'  कोर्ट ने जेठमलानी से पूछा-'क्यों न FIR को राजस्थान ट्रांसफर किया जाए?', 'सब कुछ अगर राजस्थान में चल रहा है तो केवल एक FIR की जांच दिल्ली में क्यों हो?' इस पर जेठमलानी ने कहा-नहीं बिल्कुल नहीं, इस मामले में जांच चल रही है',  'इस मामले की जांच राजस्थान में नहीं होनी चाहिए'