ब्यूरो रिपोर्ट। 

महाजन. एशिया की सबसे बड़ी व सेना की दक्षिणी-पश्चिमी कमान द्वारा विश्व स्तरीय ट्रेनिंग नोड के रूप में विकसित की गई महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में करीब 45 डिग्री तापमान व तन झुलसाने वाली गर्मी के बीच अथाह रेत के समंदर में दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए चल रहे सेना की चेतक कोर के युद्धाभ्यास को परखने के लिए गुरुवार को सप्त शक्ति कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीप सिंह भिंडर फायरिंग रेंज पहुंचे।

भिंडर ने दो दिन फायरिंग रेंज में चेतक कोर के अधीन फॉर्मेशन के प्रशिक्षण का जायजा लिया। इस दौरान चेतक कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार मागो भी उनके साथ मौजूद थे। जनरल ऑफिसर भिंडर ने फॉर्मेशन की आर्टिलरी और आर्मर्ड रेजीमेंट की लाइव फायरिंग के साथ-साथ उनके हर मौसम में मुकाबला करने की क्षमता का मूल्यांकन भी किया। सेना की चेतक कोर द्वारा युद्धक टैंकों व आधुनिक घातक हथियारों द्वारा अभ्यास किया गया। जिसे देख भिंडर ने प्रसन्नता जताई। लेफ्टिनेंट जनरल भिंडर ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सैनिकों के साथ बातचीत करते हुए  उत्कृष्ट प्रशिक्षण मानकों और ऑपरेशनल तैयारियों के लिए सैनिकों के साहस की सराहना करते हुए पीठ थपथपाई। उन्होंने सभी रैंकों को कोविड-19 महामारी के बीच निरंतर अपनी कड़ी मेहनत जारी रखने और हर स्थिति से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहने के निर्देश दिए। कोरोना महामारी से डटकर मुकाबला करने के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिमी कमान ने अपना ध्यान ऑपरेशनल तैयारियों पर केंद्रित कर रखा है। इस दौरान चेतक कोर के सैन्य अधिकारियों ने अभ्यास के तहत किये जा रहे विभिन्न प्रशिक्षणों के बारे में जानकारी दी। गौरतलब है चारों तरफ रेत के धोरों व धूलभरी आंधियों के बीच चेतक कोर के जवान अभ्यास को अंजाम दे रहे है। दो दिन फायरिंग रेंज में रुकने के बाद भिंडर शुक्रवार को वापस लौट गए।