कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान सामने आई ऑक्सीजन की आपदा को देखते हुए सरकार ने अब संभावित तीसरी लहर के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी है। इसके तहत हर जिले में ऑक्सीजन बैंक स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।


इन बैंकों में जिलों को उपलब्ध करवाई जाने वाले ऑक्सीजन संस्थानों से अलग संसाधन दिए जाएंगे। इनमें सरकारी स्तर के अलावा निजी संस्थाओं के जरिए मिलने वाली सुविधाओं को भी सम्मिलित किया जाएगा। इन ऑक्सीजन बैंकों के जरिए घर पर इलाज लेने वालों को ऑक्सीजन सहज उपलब्ध हो सकेगी। आपको बता दें कि दूसरी लहर के दौरान प्रदेश के ऑक्सीजन प्लांटों से ऐसे मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाई थी, जिन का इलाज घर पर चल रहा था।

 औषधि नियंत्रण संगठन के अधिकारियों ने भी उस समय स्पष्ट तौर पर यह कह दिया था कि जब अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए ही ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पा रही तो ऐसे में घर के लिए ऑक्सीजन कैसे दी जा सकती है। अब जिलों में ऑक्सीजन बैंक स्थापित होने के बाद चिकित्सक की सलाह पर यह संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। जिस डॉक्टर की देखरेख में मरीज का घर पर इलाज हो रहा हो,

 उसकी ओर से लिखित मे सत्यापित करने पर ही मरीज के लिए ऑक्सीजन संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। चिकित्सा विभाग के अनुसार यदि कोरोना की तीसरी लहर तिगुने प्रभाव से भी आए तो भी  ऑक्सीजन की कमी सामने नहीं आएगी।

ब्यूरो रिपोर्ट।

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