देश में कोरोना की पहली और दूसरी लहर का गहन अध्ययन करने के बाद विशेषज्ञों का यह अनुमान है कि इसकी तीसरी लहर का पीक अक्टूबर 2021 से लेकर नवंबर 2021 के बीच रह सकता है। इसमें भी 1 नवंबर से 15 नवंबर तक सबसे ज्यादा असर रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान प्रदेश में भी एक्टिव केस ज्यादा रह सकते हैं।
ऑक्सीजन बेड और आईसीयू बेड की मांग 15 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच सबसे ज्यादा रह सकती है। अनुमान के मुताबिक उस समय 6000 ऑक्सीजन बेड और 1500 आईसीयू भी प्रदेश में मौजूद रहेंगे। विशेषज्ञों ने तीसरी लहर के दौरान होने वाली मौतों का भी अनुमान लगाया है। अधिकतम मौतें 1 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच होगी। इस दौरान 1 दिन में अधिकतम 110 मौतें होने की आशंका है।
अनुमान के मुताबिक तीसरी लहर का असर फरवरी 2022 से मार्च 2022 के बीच धीरे-धीरे कम होता जाएगा। किसी लहर के पीक के समय वास्तविक तौर पर एक्टिव केस का आंकलन कर पाना मुश्किल होगा। यह 90,000 से डेढ़ लाख के बीच भी रह सकता है। विशेषज्ञ ये भी मानते हैं कि जुलाई 2021 से नवंबर 2021 के बीच सरकार की नीतियों और जनता के कोविड प्रोटोकॉल की पालना करने पर भी निर्भर हो सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक वैक्सीनेशन तीसरी लहर से लड़ाई के लिए विशेष फायदेमंद रहेगा। हालांकि इसके चलते तीसरी लहर नहीं रुकेगी लेकिन जो लोग वैक्सीनेट हो चुके होंगे उनमें संक्रमण के हल्के लक्षण होंगे और मौत का भी खतरा नहीं होगा।
ब्यूरो रिपोर्ट।
सूचना - अगर किसी पाठक/दर्शक/श्रोता को इस खबर पर कोई भी आपत्ति है तो वे इस मोबाइल नंबर 9829076749 पर अपनी शिकायत कर सकते हैं।



0 टिप्पणियाँ