श्रीगंगानगर की 70 साल पुरानी शिक्षण संस्था खालसा महाविद्यालय फिर विवादों में आ गया है । महाविद्यालय के प्रबंधन पर कब्जा करने को लेकर बराड और मान गुट आमने-सामने आ गए हैं ।
आज प्रबंध समिति के सचिव अवतार सिंह बराड़ ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर विपक्षी गुट के सदस्यों पर दर्ज की गई एफआईआर के तहत उन्हें गिरफ्तार करने तथा संस्था में अवैधानिक तौर पर हस्तक्षेप करने से रोकने की मांग की।
प्रबंध समिति के सचिव अवतार सिंह बराड़ ने बताया कि गुरु नानक खालसा कॉलेज एवं स्कूल समिति के चुनाव 19 अप्रैल 21 को हुए थे जिसकी सूचना सभी अधिकारियों तथा कार्यालय उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां एवं रजिस्ट्रार द्वारा रजिस्टर को दी गई तथा 14 मई 21 को रजिस्ट्रार द्वारा इसे अनुमोदित कर दिया गया, जिसमें गुरबचन सिंह कंग को रेक्टर, दरबारा सिंह बराड़ को अध्यक्ष ,अवतार सिंह बराड़ को सचिव, जगजीत सिंह को कोषाध्यक्ष तथा जरनैल सिंह टूरना को उपाध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया एवं अन्य सदस्यों को निर्वाचित किया गया।
आरोप है कि इसके पश्चात विपक्षी मान गुट द्वारा साजिश रच कर फर्जी कमेटी का कूट रचित तरीके से गठन किया गया जिस के संबंध में प्रार्थी द्वारा कोतवाली में 151 नंबर एफ आई आर दर्ज कराई गई। गौरतलब है कि 19 मई को संस्था द्वारा एक दिन कार्यालय खोलने की अनुमति जिला कलेक्टर से हासिल करके कर्मचारियों को वेतन आदि का भुगतान करने के लिए चेक बुक व दस्तावेज लेखाकार को सौंपे गए, परंतु उसी समय लेखाकार वेतन संबंधित दस्तावेज अपने थैले में लेकर कार्यालय जाने के लिए निकला तभी आरोपी गणों द्वारा लेखाकार से चेक बुक दस्तावेज आदि छीन कर ले गए इसकी f.i.r. कोतवाली में 151 नंबर दर्ज करवाए गए ।
आरोप यह भी है कि इसके पश्चात आरोपी गणों ने गुरु नानक खालसा पीजी महाविद्यालय के प्राचार्य कक्ष को तोड़कर रिकॉर्ड चोरी करके ले गए इस संबंध में भी 165 नंबर एफ आई आर दर्ज करवाई गई है । वर्तमान समिति के सचिव अवतार सिंह बराड़ का आरोप है कि आरोपी गणों द्वारा अवैध गिरोह बनाकर संस्था के कर्मचारियों को डराया धमकाया जाता है तथा जबरन संस्थान के परिसर में घुस कर आतंक फैला रहे हैं। बराड ने पुलिस अधीक्षक से विपक्षी गुट के खिलाफ दर्ज तीनों एफ आई आर के तहत उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने तथा मूल जीवन को संस्था में अवैध रूप से प्रवेश करने से शांति व्यवस्था भंग करने से रोकने की मांग की है । .
इधर मान गुट के पूर्व सचिव मनिंदर सिंह मान का कहना है कि काबिज संस्था द्वारा 1970 के संविधान के तहत चुनाव करवाए गए हैं जबकि 2007 में इसका अमेंडमेंट हो चुका था ,1970 के चुनाव के तहत 9 मेंबर की कमेटी बनी थी। 2007 में 11 मेंबरों की कमेटी बननी थी मान गुट का कहना है कि वर्तमान काबीज संस्था पूरी तरह से अवैधानिक है, इस संस्था ने मेंबर तो 11 चुने है जबकि जिस संविधान के तहत चुनाव करवाए गए उसके तहत 9 सदस्य चुने ।
वही मान का आरोप है कि बराड़ गुड द्वारा संस्था के सदस्य बार-बार पदाधिकारी बनकर संस्था को अपने कब्जे में रखना चाहते हैं जबकि बार-बार संस्था के सदस्य बनने से उनकी कब्जा करने की नीति जाहिर होती है। फिलहाल दोनों गुटों में जबरदस्त तनातनी चल रही है जिसका असर स्पष्ट रूप से कॉलेज के शैक्षिक वातावरण में देखने को मिल रहा है।
श्रीगंगानगर से राकेश मितवा की खबर





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