अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य पंकज मेहता ने सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला एवं नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल को बधाई देते हुये कहा कि कांग्रेस सरकार ने कोटा सुपर थर्मल की 38 वर्ष पुरानी यूनिट-1 एवं 2 को दिसंबर,2022 तक चालू रखने का निर्णय लेकर कोटा की जनता को बड़ी राहत पहुंचायी है।
मेहता ने 25 जून को मुख्यमंत्री, उर्जा मंत्री एवं नगरीय विकास मंत्री को पत्र लिखकर कोटा थर्मल की दोनों इकाइयों से बिजली उत्पादन चालू रखने का आग्रह किया था। उन्होंने जनहित में इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का सुझाव दिया था।
सोमवार को कोटा उत्तर के विधायक एवं नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने जयपुर में उर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला एवं उर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार से चर्चा की। उसके बाद राज्य सरकार ने निर्णय लिया कि कोटा थर्मल में 1240 मेगवाट क्षमता की सातों यूनिटों को 31 दिसंबर,2022 तक पर्यावरणीय अनुमति मिली हुई है, इन्हें तब तक बंद नहीं किया जायेगा।
उसके पश्चात् केंद्रीय पर्यावरणीय विभाग से अनुमति लेेने का प्रयास किया जायेगा कि ये दोेनों पुरानी यूनिटें 31 दिसंबर,2022 के बाद भी चालू रहें। यदि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति नहीं मिली तो राज्य सरकार कोटा थर्मल में नया सौर उर्जा प्लांट लगाने पर विचार करेगी।
यह सूचना मिलते ही पिछले एक सप्ताह से चिंतित कोटा थर्मल के अभियंताओं, कर्मचारियों एवं ठेका श्रमिकों सहित व्यापारियों एवं नागरिक संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई। कर्मचारी संगठनों ने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल का आभार जताया कि उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान कोटा में औद्योगिक अशांति पैदा नहीं होने दी। इस निर्णय थर्मल में कार्यरत 2500 से अधिक ठेका श्रमिकों को नौकरी से वंचित नहीं होना पडेगा।
कोटा से हंसपाल यादव की रिपोर्ट।



0 टिप्पणियाँ