FCI गोदाम में गुरुवार को ACB ने दो अधिकारियों को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते ट्रैप किया है। FCI के अधिकारी जमा गेहूं की रसीद देने के लिए 2 रुपये प्रति कट्टे की मांग कर रहे थे।
जिसके बाद परिवादी आदित्य अग्रवाल ने भरतपुर ACB को शिकायत की और ACB ने दोनों रिश्वतखोरों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।आदित्य अग्रवाल गेहूं के कट्टे FCI गोदाम में रखवाता था।
गेहूं के कट्टे की रसीद देने के एवज में FCI के गोदाम के अधिकारी मुन्नू लाल मौर्य प्रबंधक गुण नियंत्रक और विनोद कश्यप सहायक श्रेणी प्रथम ने आदित्य से एक कट्टे पर 2 रुपये की रिश्वत मांगी।
इसकी शिकायत आदित्य ने 23 जून को भरतपुर ACB कार्यालय में की शिकायत के बाद ACB के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश मीणा ने शिकायत का सत्यापन करवाया। जिसके बाद आज आदित्य 1 लाख रुपये लेकर FCI के गोदाम पहुंचा आदित्य ने 1 लाख रूपये सबसे पहले विनोद कश्यप सहायक श्रेणी प्रथम को दिए जिस पर विनोद कश्यप ने उसमे से 20 हजार रुपये गिनकर मुन्नू लाल मौर्य प्रबंधक गुण नियंत्रक को थमा दिए।
इतने में ACB की टीम ने दोनों अधिकारियों को ट्रेप कर लिया जिस पर विनोद कश्यप से 80 हज़ार रूपये बरामद किये गए और मुन्नू लाल मौर्य से 20 हजार रूपये बरामद किये गए।दरअसल परिवादी आदित्य उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के खेरागढ़ का रहने वाला है। और महावीर ट्रेडिंग कंपनी उसके नाना महावीर की है। इस कंपनी के पास रूपवास की अनाज मंडी से गेहूं की हैंडलिंग और परिवहन का काम है।
जो भारतीय खाद्य निगम अलवर के द्वारा दिया गया है। महावीर ट्रेडिंग कंपनी की पावर को अटॉर्नी आदित्य ने अपने अपने नाम करवा रखी है। भारतीय खाद्य निगम भरतपुर आगार की तरफ से महावीर ट्रेडिंग कंपनी को 91 हज़ार कट्टे दिए गए थे। जिनकी तुलाई करवा कर खाद्य निगम के भरतपुर आगार (FCI गोदाम) पहुँचाना था।
जिसके बाद आदित्य ने 91 हज़ार कट्टों की तुलाई करवा कर भरतपुर के खाद्य निगम आगार में पंहुचा दिया गया। लेकिन 18 जून को विनोद कश्यप ने आदित्य से 2 रूपये प्रति कट्टे के हिसाब से रिश्वत मांगी। और रिश्वत नहीं देने के एवज में कट्टों की जमा रसीद देने से मना कर दिया। जिससे परेशान होकर आदित्य ने 23 जून को ACB कार्यालय में इसकी शिकायत की। जिस पर ACB टीम ने शिकायत का सत्यापन करवा कर आज दोनों अधिकारियों को ट्रेप कर लिया।
भरतपुर से दीपेश फौजदार की रिपोर्ट।


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