कोरोना की जांच के तहत आरटी पीसीआर रिपोर्ट में हो रही देरी के बाद राज्य सरकार ने इसकी जांच रैपिड एंटीजन किट के जरिए करने का निर्णय लिया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जहां आरटीपीसीआर रिपोर्ट के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है और उसके बावजूद उनकी रिपोर्ट समय पर नहीं आती।


 ऐसे क्षेत्रों में रैपिड एंटीजन किट के जरिए कोरोना का पता लगाया जाएगा। इसके लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज की ओर से ढाई लाख रैपिड इंजन किट दिए गए हैं। राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन को सौपे गए जाचं किटों के बाद हर जिले के लिए ₹4000 रैपिड एंटीजन किट वितरित किए जा रहे हैं। सरकार ने हर जिले में 20000 जांच किट देने की योजना बनाई है। 



आपको बता दें कि पिछले साल कोरोना वायरस की दस्तक के साथ ही केंद्र सरकार ने राजस्थान में भी कोरोना की जांच के लिए रैपिड एंटीजन किट भेजी थी लेकिन सरकार ने इन्हें अनुपयोगी मानते हुए वापस कर दिया था।

ब्यूरो रिपोर्ट!