श्रीगंगानगर से राकेश मितवा की खबर

कोरोना के इस दौर में जहां लॉकडाउन को लेकर आम आदमी परेशान है वही शराब के ठेकेदार भी आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं। आर्थिक बदहाली तथा सरकारी नीतियों से परेशान होकर आज श्रीगंगानगर के शराब कारोबारियों ने शराब के गोदाम के आगे धरना देकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दिया। प्रमुख शराब कारोबारी  प्रेम नायक का कहना है कि लोक डाउन के इन दिनों में राज्य सरकार द्वारा सुबह 6 से 11 बजे तक शराब की दुकानें खोलने के आदेश दिए गए हैं, जबकि सुबह 6 से 11 बजे तक महज  5 से 10% तक ही शराब की बिक्री हो पाती है । ऐसे में शराब कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है । कारोबारी प्रेम नायक का कहना है कि राज्य सरकार को चाहिए कि जिले के शराब कारोबारियों की शराब उठाने की जो गारंटी है उसको 70% तक कम किया जाए ताकि वह भारी जुर्माने से बच सके।

गौरतलब है कि एक तरफ जहां राज्य सरकार ने शराब बेचने के समय में कमी कर दी है वहीं दूसरी तरफ शराब ठेकेदारों की शराब उठाने की गारंटी को यथावत रखा है। ऐसे में शराब कारोबारियों को हर माह भारी नुकसान के साथ-साथ भारी जुर्माना भुगतना पड़ रहा है । लगभग 2 घंटे चले धरने के बाद आबकारी विभाग के वृत निरीक्षक मांगीलाल बिश्नोई मौके पर पहुंचे । विश्नोई  उच्चाधिकारियों तक ठेकेदारों की बात पहुंचाई । मांगीलाल ने बताया कि उच्चाधिकारियों ने ठेकेदारों की मांग पर सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा है कि उनको इस मामले में राहत पहुंचाई जाएगी । इससे संतुष्ट हो ठेकेदारों ने धरना तो फिलहाल खत्म कर दिया है।  साथ ही   ठेकेदारों ने कहा कि यदि 1 जून तक उनकी मांगों पर कार्यवाही नहीं की गई तो वे अपने-अपने दुकानों की चाबियां आबकारी अधिकारियों को सौंप कर दुकानें बंद रखेंगे।