ब्यूरो रिपोर्ट!
प्रदेश में पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से चल रहे लॉकडाउन ने कोरोना की चेन को तोड़ने में थोड़ी सफलता हासिल कर ली है। लॉक डाउन की बंदिशों ने दूसरी लहर के प्रसार को कुछ हद तक रोक दिया है। शुक्रवार को सामने आए कुल संक्रमित केस, इसी बात को बयां करते नजर आ रहे हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में कुल 2648 संक्रमित केस दर्ज किए गए। इनमें सर्वाधिक जयपुर में 501 पाए गए। प्रदेश के कुल 10 जिले ऐसे रहे, जहां 100 से ज्यादा संक्रमित केस पाए गए, वहीं बाकी जिलों में यह संख्या 100 के नीचे रही। सबसे कम संक्रमित केस जालौर में 2 दर्ज किए गए। आपको बता दें कि 2 दिन पहले भी जालौर में 2 केस दर्ज किए गए थे। लेकिन गुरुवार को वहां 6 संक्रमित पाए गए थे। कोरोना की दूसरी लहर के इतने दिन बीतने के बावजूद यदि हम सैंपलिंग के लिहाज से बात करें तो अभी भी हम काफी पीछे चल रहे हैं। राजधानी जयपुर में ही अब तक कुल जनसंख्या अनुपात में आधी सैंपलिंग भी नहीं हो पाई है। ट्रेक- ट्रेस और ट्रीटमेंट का नारा हकीकत के धरातल पर गायब होता नजर आ रहा है। हालांकि सरकार की ओर से हर रोज की जा रही सैंपलिंग की रिपोर्ट कोरोना बुलेटिन में नहीं दी जाती। लेकिन हर रोज पिछले दिन के मुकाबले आ रही कोरोना सेंपलिंग के कुल योग को देखें तो पिछले दिनों से इसमें काफी गिरावट नजर आ रही है। जहां 14 मई से 15 मई के बीच 24 घंटे के दौरान जयपुर में 11357 सैंपल लिए गए, वहीं 27 मई से 28 मई के बीच यह आंकड़ा सिर्फ 7659 पर सिमट कर रह गया है। यानी कि यह स्पष्ट तौर पर नजर आ रहा है कि डोर टू डोर सेंपलिंग में दिन-ब-दिन कमी नजर आ रही है। कोरोना से हुई मौतों के लिहाज से भी शुक्रवार का दिन राहत भरा साबित हुआ। प्रदेश में इस दिन कोरोना से कुल 78 मरीजों की मौत हुई। जिनमें सर्वाधिक राजधानी जयपुर में 17 मरीजों की मौत हुई है। प्रदेश की कुल जनसंख्या के लिहाज से देखें तो अभी तक डेढ़ करोड़ लोगों की भी सेंपलिंग नहीं हुई है। शुक्रवार को कुल लेने का आंकड़ा एक करोड़ 46 लाख 9 हजार 750 की संख्या दर्शा रहा था।


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