अजमेर से नवीन वैष्णव की रिपोर्ट। 

वैश्विक महामारी कोरोना के इस दौर में भी कुछ लोग परिस्थितियों का फायदा उठाकर लोगों को चूना लगाने से नहीं चूक रहे। ऐसे एक गिरोह का एसओजी और एटीएस ने पर्दाफाश किया है। टीम ने गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए 8 रेमडिसिवर इंजेक्शन 50 हजार रुपए नकद जब्त किए हैं। एटीएस एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि उन्हें सूचना मिल रही थी कि रेमडिसिवर इंजेक्शन के नाम पर कुछ लोग ब्लैक कर रहे हैं और मुंह मांगे दामों पर इसे बेच रहे हैं । लोग जान बचाने के लिए इससे 50 से 60 हजार की कीमत तक खरीद भी रहे है । उन्होंने अलग-अलग टीमें गठित करके सिरोही, जोधपुर और अजमेर में छापे मारे । जहां से 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। दो – दो आरोपी जहां सिरोही और जोधपुर से पकड़े हैं वही एक आरोपी को अजमेर से गिरफ्तार किया है। अजमेर के एक युवक को फिलहाल हिरासत में ले रखा है जिससे पूछताछ की जा रही है। राजस्थान में और भी कई ऐसे गिरोह है जो चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ करके लोगों से मनमाफिक राशि वसूल रहे हैं ऐसे गिरोह का खुलासा करने के लिए भी एटीएस और एसओजी की टीम नजरें गड़ाए हुए हैं।

अजमेर के बड़े अस्पताल में दोपहर में मरीज को डराकर मंगवाया था यही इंजेक्शन। 

अजमेर में भी यह गिरोह पूरी तरह से सक्रिय था और इन्होंने बड़े निजी अस्पतालों से सांठ गांठ कर रखी थी। जिसके बदौलत गिरोह और अस्पताल के लोग मिलकर चांदी कूट रहे थे शनिवार दोपहर उक्त गिरोह से अस्पताल के लोगों ने मरीज को जान जाने का डर दिखाते हुए इंजेक्शन मंगवाया गया था और मरीज से 30000 रुपए वसूले गए थे।