जयपुर ब्यूरो ।
प्रदेश में सोमवार से शुरु हुए रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़े के दिन नए संक्रमित केस में थोड़ी राहत जरूर मिली लेकिन समय पर उचित इलाज के अभाव में पिछले दिनों की तरह मरीजों के दम तोड़ने का सिलसिला बरकरार रहा। केंद्र हो या राज्य सरकार, इस महामारी के विकराल रुप को देकर दोनों ही सरकारों की ओर से किए गए सभी इंतजाम ना काफी सिद्ध हो रहे हैं। घुटती सांसो के बीच प्राण वायु की कमी ने सैकड़ों मरीजों की सांसें समय से पहले ही रोक दी है। प्रदेश के हर गांव, तहसील मे ये महामारी भयानक तांडव मचा रही है। इतना सब कुछ होने के बावजूद भी लोगों की लापरवाही बदस्तूर जारी है। शिक्षित और रसूखदार लोगों सहित भोले भाले अनपढ़ और ग्रामीण जन भी तमाम समझाइश के बावजूद इसके प्रकोप और परिणाम को गंभीरता से नहीं ले रहे।

शादियों के सीजन में सरकार के आला मंत्री भी सार्वजनिक स्थलों पर गाइडलाइन की सरेआम धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। इस दिशा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इतने संवेदनशील होने के बावजूद कैबिनेट स्तर के मंत्रियों की यह लापरवाही आम जनता को क्या संदेश दे रही है। यह बात आप- हम और हम सब लोग बखूबी से जानते हैं। खैर अब बात करते हैं इस महामारी के सोमवार को सामने आए परिणाम की।

सोमवार को भले ही प्रदेश में पॉजिटिव आंकड़ों के कुल योग में कमी आई हो, लेकिन कोरोना से दम तोड़ने वालों का ग्राफ पिछले कई दिनों की तरह 150 की संख्या के आसपास ही रहा। सबसे ज्यादा 40 मौत राजधानी जयपुर में दर्ज की गई। जोधपुर में 37 और उदयपुर में 852 पॉजिटिव केस के साथ 11 लोगों ने कोरोना के चलते दम तोड़ दिया। अजमेर में भी इस दिन अब तक के सर्वाधिक सात मरीज अकाल मौत का शिकार बन गए। कुल मिलाकर प्रदेश में 154 लोगों ने पिछले 24 घंटों के दौरान दम तोड़ दिया। दूसरी ओर सबसे ज्यादा संक्रमित मरीजों में पिछले दिनों की तरह जयपुर ही अव्वल रहा। हालांकि यहां पिछले दिन के मुकाबले लगभग 900 केस कम दर्ज किए गए, लेकिन सोमवार को भी सबसे ज्यादा 3585 पॉजिटिव केस राजधानी में ही दर्ज किए गए। दूसरे स्थान पर जोधपुर में 2130, पाली में 886, चित्तौड़गढ़ में 841, चूरू में 775, और अलवर में 750 संक्रमित केस मिले। प्रदेश का झुंझुनू जिला ही एकमात्र ऐसा जिला रहा जहां 100 से कम लेकिन सौ संख्या की बॉर्डर लाइन तक यानी कि 99 पॉजिटिव केस दर्ज किए गए। एक तरह से देखा जाए तो सोमवार का दिन भी कोरोना से राहत मिलने की दिशा में एक तरह से नाकाम ही साबित हुआ।
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