हनुमानगढ़ से विश्वाश कुमार की रिपोर्ट।
धरने पर बैठे शराब दुकानदारों ने धरने के पांचवें दिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पुतला फूंका गया ओर सरकार व आबकारी विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार के प्रति जमकर आक्रोश जताया।शराब ठेकेदारों ने सरकार पर उनकी सुनवाई नही करने के आरोप लगाते हुए कहा की,कोरोना के चलते पूर्व में लगाये गए आशिक लोक डाउन में सरकार ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक दुकानों के संचालन की अनुमति देते हुए शनिवार व रविवार को दुकाने बन्द रखने के आदेश दिए थे। तब से ही ठेका संचालक नुकसान झेल रहे है ओर नई गाइडलाइन में दी गयी समय सीमा से तो पूरी तरह उनकी कमर तोड़ कर रख दी है।इससे बेहतर सरकार अनुज्ञाधारियों को मासिक गांरटी में छूट देवें या फिर वीकेंड कर्फ़्यू में दुकानें खोलने की अनुमति दी जावे।नही तो ये आंदोलन यूँ ही जारी रहेगा और अगर नोबत आई तो वे अनुज्ञा पत्र सरेंडर कर दिए जायेंगे, क्योकि ऐसी परिस्थियों में ठेकों का संचालन नही कर सकते है।
हालांकि इस मामले में जिले के ठेकेदार शासन सचिव को पत्र लिखकर अपनी मांगों से अवगत करा चुके है।लेकिन अभी तक इसकी कोई सुनवाई नही हुई है।हालांकि ठेकेदारों की जो मांगे है उन पर केबिनेट स्तर पर ही निर्णय हो सकता है।अब देखना होगा कि सरकार कब तक धरने पर बैठे ठेकेदारों की सुनवाई कर मसले को सुलझाती है।



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