कोरोना महामारी के दौरान अपने व्यवसाय और उद्योग मे गिरावट झेल रहे लाखों लोगों को भारतीय रिजर्व बैंक ने थोड़ी राहत दी है। आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे छोटे कर्जदारों को कर्ज चुकाने में दी गई समय सीमा बढ़ाएं। जिससे कि उनको लोन चुकाने की चिंता कुछ हद तक कम हो सके। इसमें व्यवसायियों के साथ। छोटे लघु और मझोले उद्यमों के कर्जों का पुनर्गठन भी शामिल है। बैंकों से कहा गया है
इसी के साथ आरबीआई ने छोटे बैंकों के लिए 10000 करोड रुपए तक के 3 वर्षीय दीर्घकालीन रेपो ऑपरेशन की घोषणा भी की। इसके तहत सूक्ष्म लघु और छोटी इकाइयों को ₹10 लाख तक की सहायता को प्राथमिकता क्षेत्र के लिए कर्ज माना जाएगा। ओवरड्राफ्ट के नियमों में ढील दी गई है। राज्यों को नकदी के प्रवाह और बाजार कर्ज की रणनीति संभालने में सुविधा होगी। राज्य एक तिमाही के दौरान 50 दिन तक ओवरड्राफ्ट पर रह सकते हैं। आपको बता दें कि पहले ओवरड्राफ्ट की अधिकतम सीमा 36 दिन की ही थी। और वही! केवाईसी अपडेट नहीं कराने की छूट 31 दिसंबर तक जारी रहेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट!


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