कोटा से हँसपाल यादव की रिपोर्ट।

राजकाज की खबर का एक बार फिर कोटा में बड़ा असर देखने को मिला हैं। शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कोविड रोगियों को रेमेडिसिविर इंजेक्शन के बजाय ग्लूकोज मिला पानी का इंजेक्शन लगाने के मामले की जांच के लिए जिला कलक्टर उज्ज्वल राठौड़ ने आदेश जारी कर अतिरिक्त कलक्टर शहर एवं प्राचार्य मेडिकल कॉलेज को नियुक्त किया है। जिला कलक्टर ने बताया कि समाचार पत्रों एवं मिडिया और ऑनलाइन खबरों में प्रकाशित समाचार ’’ग्लूकोज मिला पानी का इंजेक्शन लगाने से कोरोना पीडित महिला की मौत, दूसरा गम्भीर हालात में आईसीयू में भर्ती’’ में स्पष्ट रूप से पूरा विवरण दिया गया है। यह गंभीर प्रकरण है। उन्होंने प्रकाशित समाचार की प्रति भिजवाकर शीघ्र जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।